कानपुर। हैलट इमरजेंसी की डे केयर ऑपरेशन थिएटर में पाइल्स (बवासीर) की लेजर सर्जरी होगी। अभी तक विभाग के ऑपरेशन थिएटर में रोगियों की सर्जरी की जाती रही है। लेजर सर्जरी करके रोगियों को 24 घंटे के अंदर अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। पाइल्स की लेजर सर्जरी वाले रोगियों की स्थिति का अध्ययन किया गया। इस आधार पर पाया गया कि यह सर्जरी डे केयर ओटी में की जा सकती है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. जीडी यादव ने बताया कि लेजर सर्जरी अधिक सुरक्षित है। इसमें खून नहीं बहता और रोगी की रिकवरी तेज होती है। लेजर सर्जरी कराने वाले रोगियों की स्थिति का अध्ययन विभागाध्यक्ष डॉ. यादव की अगुवाई में डॉ. स्वाति सिंह ने किया है। यह अध्ययन इंटरनेशनल जर्नल ऑफ साइंटिफिक रिसर्च में प्रकाशित भी हुआ है। अध्ययन में 60 पाइल्स रोगियों की सर्जरी लेजर से और 60 की चीरा लगाकर की गई थी। चीरा से ऑपरेशन कराने वाले रोगियों को औसत चार दिन अस्पताल में ठहरना पड़ा। लेजर सर्जरी वालों की 24 घंटे में छुट्टी हो गई। रिकवरी भी तेज हुई। ऑपरेशन में दर्द कम हुआ। लेजर सर्जरी से ऑपरेशन के बाद की जटिलताएं भी न्यूनतम रहीं।
अध्ययन में शामिल रोगियों का आयु वर्ग 40 से 60 वर्ष के बीच रहा है। विभागाध्यक्ष डॉ. यादव ने बताया कि अध्ययन में 60 फीसदी पुरुष रोगी रहे हैं। इस अध्ययन के आधार पर डे केयर ओटी में लेजर सर्जरी करने का निर्णय लिया गया है। डे केयर में पाइल्स सर्जरी होने से रोगियों को आसानी हो जाएगी। उन्हें अस्पताल में अधिक ठहरना नहीं पड़ेगा। साथ ही मुख्य ओटी का भार कम होगा। इससे ऑपरेशन में वेटिंग भी नहीं होगी।
-पानी कम पीना
-भोजन में फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थ की कमी
-फास्ट फूड, जंक फूड का अधिक इस्तेमाल
-लंबे समय तक कब्ज रहना
-इलाज में लापरवाही बरतना