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लेखपालों और प्रधानों ने बेच खाई गोसदन की जमीन

Tue, 09 May 2017 12:36 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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गो सदन की भूमि पर खड़े वन विभाग के पेड़। - फोटो : अमर उजाला
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जहां देश में चारो अोर गो रक्षा के बड़े-बड़े दावे ‌क‌िए जा रहे हैंं। वहीं यूपी  के फर्रुखाबाद में एक एसा मामला सामने अाया है ‌ ज‌िसमें प्रधान ने सरकारी अ‌ध‌िका‌‌र‌ियों से ‌म‌िलकर गोसदन की जमीन ही खा ली।
 कटरी धर्मपुर का गो सदन दुधारू गाय बना है। सबने अपने -अपने तरीके से इसे दुहा। पूर्व ग्राम प्रधान और लेखपाल ने मिलकर गो सदन की जमीन का पट्टा कर दिया। वहीं लोगों ने गो सदन की आरक्षित भूमि पर कालोनियां खड़ी कर ली हैं। गो सदन के पूर्व प्रबंधक डॉ. पीके सक्सेना ने इसका खुलासा किया है। उनका कहना है कि गो सदन की चार बीघा भूमि सोरन सिंह के नाम पट्टा कर दी गई है।
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गो सदन की भूमि में पट्टा करने में पूर्व प्रधान चंद्रावती के पति और लेखपाल इंस्पेक्टर सिंह के नाम सामने आए हैं। पूर्व प्रबंधक ने बताया कि इन दोनों ने मिलकर इसलाम पुत्र छोटे, शबीना, गफ्फार खां, मुनेश्वर सिंह के नाम भूमि का पट्टा कर दिया। कटरी धर्मपुर की रहने वाली देवा ने गो सदन की भूमि पर कालोनी का निर्माण करा दिया।

उन्होंने बताया कि काफी प्रयास के बाद भी पट्टेदारों के पट्टों को निरस्त नहीं किया गया। मौजूदा समय में भी गो सदन की भूमि पर पट्टेदार कब्जा किए हैं। उनका कहना है कि यह पट्टा मोटी रकम लेकर किया गया लेखपाल इंस्पेक्टर सिंह ने काफी घालमेल किया। इस संबंध में जब लेखपाल इंस्पेक्टर सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि कटरी धर्मपुर में गो सदन से लगी भूमि के तकरीबन 200 पट्टे किए गए हैं।

सीमांकन न होने के कारण गो सदन की भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। उनका कहना है कि भूमि की पैमाइश के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। गो सदन की भूमि का उन्होंने कोई पट्टा नहीं किया है। उन पर निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। जो पट्टे किए गए हैं, वह पंचायत की भूमि पर किए गए हैं। दो साल पहले उनका तबादला कटरी धर्मपुर से हो गया है। अब वह इस क्षेत्र को नहीं देख रहे हैं।

गांव के ही लोग कब्जा किए हैं
राजकीय गो सदन के लिए 1000 बीघा भूमि आरक्षित है। इसमें 400 बीघा भूमि पर गांव के ही लोग कब्जा किए हैं। इस कब्जे के पीछे पशु चिकित्सा विभाग के मौजूदा व निवर्तमान अधिकारी जिम्मेदार हैं। सीवीओ खुद किसानों से प्रति बीघा दो बोरी गेहूं लेकर जमीन जुतवा देते हैं। यदि गो सदन से लगी कृषि योग्य भूमि में रबी की फसल करा दी जाए तो इतना भूसा हो सकता है कि जिले भर के आवारा घूमने वाले गोवंश को यहां भरपेट चारा दिया जा सकता है।  दो-चार लोगों की मजदूरी भी दी जा सकती है लेकिन प्रबंधक प्रदीप कुमार श्रीवास्तव इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
धर्मवीर राजपूत, कटरी धर्मपुर के प्रधान

दोषी था तो क्यों नहीं दर्ज कराया मुकदमा
अधिकारियों का यह कहना गलत है कि वह 2014 में रिटायर हुए हैं। वह 2016 में रिटायर हुए हैं। यदि वह गो सदन की भूमि पर कब्जा कराने में कहीं भी दोषी पाए गए हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा क्यों नहीं दर्ज कराया। सभी कब्जेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कराया जा रहा है। इसका जवाब किसी अधिकारी के पास नहीं है।
जब यह गो सदन जिला गो सदन के नाम से जाना जाता था। तब चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को दैनिक वेतन पर रखा जाता था। सबसे पहले 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दैनिक वेतन पर रखा गया। इसके बाद 100 रुपये और 200 रुपये। जब दैनिक वेतन 300 रुपये हो गया तो वर्ष 2000 से जिला परिषद ने वेतन देना बंद कर दिया। नतीजतन राजकीय गो सदन धीरे-धीरे अपना अस्तित्व खोता चला गया।
डॉ. प्रमोद कुमार सक्सेना (सेवानिवृत्त मैनेजर, गो सदन)


गायों को इंसाफ के लिए करना होगा इंतजार
फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी और उनकी सरकार भले ही गायों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेकर तत्काल एक्शन मोड में आती हो, लेकिन फर्रुखाबाद में जिला प्रशासन उलटा रवैया अपना रहा है।

गायों के हक व हितों का बंदरबांट करके मालामाल हो रहे सरकारी मशीनरी के लपेटे में जब अपनों की ही गर्दन फंसती नजर आई, तो जांच प्रक्रिया को भी सुस्त कर दिया गया।
ऐसे में गायों को इंसाफ पाने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। बीते दिनों कटरी धर्मपुर में 1000 बीघा क्षेत्रफल वाले गो सदन की 400 बीघा से अधिक कृषि भूमि पर कब्जे के मामले में अभी तक मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की ओर से उप जिलाधिकारी से मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। आला अधिकारी भी इस प्रकरण को गंभीरता से लेने के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं।

वे कभी विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों तो कभी सरकार के मंत्री व अन्य वीआईपी के स्वागत में व्यस्त हो जाते हैं। उप जिलाधिकारी रमेश चंद्र यादव का कहना है कि अभी वह संकिसा में होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों में व्यस्त हैं।
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इस वजह से इस मामले की मानीटरिंग नहीं कर पाए। जल्द ही कटरी धर्मपुर में गोसदन की भूमि पर अवैध कब्जे से जुड़े प्रकरण से संबंधित सारे तथ्यों को जुटाकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सीवीओ के साथ ही तहसीलदार को भी पत्र लिखकर ब्यौरा तलब किया गया है जो अभी प्राप्त नहीं हुआ है।
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