जिले में अपनी हवाई पट्टी का सपना जल्द ही साकार होने वाला है। कुछ दिनों
पहले ही हवाई पट्टी के भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हुआ है। उत्तर प्रदेश
सरकार ने हवाई पट्टी के निर्माण के लिए प्रस्ताव पास कर दिया है।
राजकीय
हवाई पट्टी के निर्माण का काम अब शीघ्र शुरू किए जाने की उम्मीद बंधी है।
इस संबंध में एसडीएम रसूलाबाद विनीता सिंह ने बताया कि किसानों से बैनामा
नागरिक उड्डयन विभाग के हक में कराने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
शिवली
क्षेत्र में तीन किलोमीटर लंबी और 350 मीटर चौड़ी हवाई पट्टी की स्थापना
की जानी है। साथ ही 250 गुणा 400 मीटर में अन्य सुविधाएं भी विकसित की जानी
हैं। क्षेत्र के मरहमाताबाद, भेवान, बारनपुर कहिंजरी, काशीपुर पूर्व,
काशीपुर पश्चिम व काशीपुर मध्य के किसानों की 88.052 हेक्टेयर भूमि सरकार
आपसी समझौते के आधार पर अधिगृहीत किया है।
शिवली क्षेत्र के काशीपुर,
बारनपुर कहिंजरी, भेवान, मरहमताबाद के किसानों की भूमि को सरकार 56 लाख
रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा देकर आपसी समझौते के आधार पर लिया है। यहां
किसानों की 88.052 हेक्टेयर भूमि सरकार ने अधिगृहीत की है।
वहीं 24
हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज की है। कुल 115 हेक्टेयर भूमि का अर्जन किया गया
है। ग्रामीणों में 49 करोड़ 30 लाख 91 हजार 200 रुपये का वितरण किया गया।
अधिगृहीत भूमि पर पिलर लगाकर सीमांकन भी कर दिया गया है।
वर्तमान
में इटावा के सैफई में हवाई पट्टी है। आसपास के जिलों में कार्यक्रम होने
पर वहीं हवाई जहाज उतरते हैं। कानपुर नगर, देहात, फतेहपुर में कार्यक्रम
होने पर चकेरी विमान उतरते हैं।
शिवली क्षेत्र में हवाई
पट्टी बनने पर आसपास राजनीतिक व अन्य तरह के कार्यक्रम होने पर हेलीकाप्टर व
विमान यहीं उतर सकते हैं। 115 हेक्टेयर भूमि पर हवाई पट्टी विकसित की जा
रही है। भविष्य इसको एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा सकता है।
राजकीय हवाई पट्टी के शिवली क्षेत्र में बन जाने से चारो तरफ आवागमन के
लिए अच्छे मार्ग बनने की उम्मीद है। जिला मुख्यालय माती जाने के लिए रूरा
तक रोड चौड़ा नहीं है। स्टेट हाइवे 68 को और चौड़ा किए जाने की उम्मीद है।
इसी तरह से औद्योगिक क्षेत्र रनियां के लिए आवागमन सही होगा।
कानपुर में मेट्रो ट्रेन चलाने के लिए डीपीआर बन रही है। कानपुर के
सीमावर्ती शिवली क्षेत्र में राजकीय हवाई पट्टी बनने से यहां तक मेट्रो
ट्रेन भविष्य में चलाए जाने की संभावना है। मेट्रो ट्रेन कल्यानपुर के
आईआईटी तक प्रस्तावित है। जो कि हवाई पट्टी तक लगभग 30 किलोमीटर दूर है।