कानपुर देहात। परौंख गांव का हर निवासी अपने ‘राम’ के गांव आने से प्रफुल्लित है। अपने लल्ला से मिलने की आस से हृदय आनंदित हो रहा है। स्वागत में पलक पावड़े बिछाए ग्रामवासी घर-घर में घी के दीप जलाएंगे। राष्ट्रपति के स्वागत के लिए द्वार-द्वार रंगरोगन के साथ लिपाई की जा रही है। इससे गांव की भीनी खुशबू भी तरोताजा हो रही है।
राष्ट्रपति बनने के करीब चार साल बाद रामनाथ कोविंद पहली बार पैतृक गांव परौंख आएंगे। इससे गांव के लोगों का सालों का इंतजार खत्म हो रहा है। लोग अपने रामनाथ से मिलने को बेताब हैं। एक तरफ जिला प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। वहीं गांव के हर घर में उनके आगमन को लेकर अलग तैयारियां की जा रही है।
कच्चे व पक्के घरों का रंग रोगन किया जा रहा है। कच्चे बरामदे को महिलाएं गोबर व गेरू से लीपते मिली। सभी के मन में एक अलग उत्साह व खुशी दिख रही है। वहीं गांव के बालसखा सुरेश सिंह गौर ने बताया कि राष्ट्रपति के आगमन को लेकर हर घर में तैयारी की जा रही है।
उनके आने पर गांव के हर घर में घी के दीपक जलाए जाएंगे। इसके लिए शनिवार को सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उधर राष्ट्रपति जिस तय रास्ते से गुजरेंगे वहां घरों के सामने बैरिकेडिंग की गई है, ताकि किसी प्रकार का व्यवधान न हो सके। (संवाद)
परौंख में मंच पर मिलेंगे करीब 30 लोग
कानपुर देहात। राष्ट्रपति से मिलने को सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। रविवार को आयोजित कार्यक्रम में मंच पर करीब तीस लोगों को मिलने की इजाजत दी गई हैं। हालांकि कोई भी उन्हें उपहार नहीं दे सकेगा। राष्ट्रपति के बालसखा राजकिशोर भी अपने मित्र से मिलने को बेताब है। कहते हैं कि अगर इजाजत होती तो हृदय निकाल कर उनके सामने रख देते।
छात्रों के तैयार मॉडल को देखेंगे राष्ट्रपति
कानपुर देहात। परौंख स्थित वीरंगना झलकारी बाई इंटर कॉलेज में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करीब 10 मिनट रुकेेंगे। यहां छात्रों की ओर से बनाए गए मॉडल को राष्ट्रपति देखेंगे। इसके बाद वह प्रधानाचार्य कक्ष में कुछ समय रुकेेंगे। बाद में विद्यालय में भ्रमण करने के बाद गांव में अंदर जाएंगे। प्रधानाचार्य विमल अग्निहोत्री ने बताया कि राष्ट्रपति के आगमन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विद्यालय में वह किसी से मुलाकात नहीं करेंगे।
प्रशासन से नहीं हुई सुरक्षा कर्मियों के भोजन की व्यवस्था
कानपुर देहात। राष्ट्रपति के पैतृक गांव परौंख में आगमन को लेकर अफसर से लेकर कर्मचारी तैयारी में जुटे मिले। इनके लिए प्रशासन की ओर से भोजन की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। इसकी जानकारी पर परिषदीय विद्यालय के पास गांव के दो लोगों ने टेंट लगाकर अस्थाई ढाबा खोल लिया। यहां पर पुलिस कर्मी से लेकर अन्य कर्मचारी खाना खाते दिखे।