कानपुर। हाई प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी प्रकरण में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। करीब 200 पेज की चार्जशीट में सीसीटीवी फुटेज के साथ दस गवाहों के बयानों को शामिल किया गया है।
वीआईपी रोड पर रिंग वाला चौराहा पर आठ फरवरी को तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की लैंबॉर्गिनी कार बेकाबू हो गई थी। कार सड़क किनारे खड़े ऑटो और बुलेट को टक्कर मारने के बाद फुटपाथ पर चढ़ गई थी। हादसे में चमनगंज निवासी तौफीक अहमद के पैर में चोट आ गई थी। वह फुटपाथ पर खड़े होकर दोस्त का इंतजार कर रहे थे। बुलेट सवार खलासी लाइन निवासी विशाल त्रिपाठी और सोनू त्रिपाठी को भी चोटें आई थीं। चालक ने कार का शीशा तोड़कर शिवम मिश्रा को बाहर निकाला था। घटना के बाद लोगों ने हंगामा किया, जिस पर पुलिस कार को ग्वालटोली थाने ले गई थी। अगले दिन तौफीक की तहरीर पर ग्वालटोली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। घटनास्थल पर लोगों के बयान लिए और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की। शिवम के ड्राईवर मोहन लाल ने कोर्ट में सरेंडर की अजी दी थी। उसका कहना था कि कार वह चला रहा था। वहीं पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कार शिवम मिश्रा चला रहा था। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने घटना का संज्ञान न लेने पर तत्कालीन थाना प्रभारी संतोष गौड़ को निलंबित कर दिया था। पुलिस ने 12 फरवरी को शिवम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से जमानतीय अपराध होने की वजह से कोर्ट से जमानत मिल गई। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लैंबॉर्गिनी प्रकरण में चार्जशीट दाखिल हो गई है। दस गवाहों में शिवम मिश्रा के बाउंसर, दुकानदार, अन्य कार चालक शामिल हैं।