अफसरों की मिलीभगत से लाखों का घोटाला
दरअसल इन अफसरों के पास ही भुगतान से जुड़ा पासवर्ड होता था। इसके बिना कोई रकम किसी अन्य के खाते में नहीं जा सकती थी। बता दें कि, भुगतान जुलाई 2023 में हुआ था और नए खाते मार्च में ही खुल गए थे। इससे आशंका जताई जा रही है कि सभी आरोपी अफसरों की मिलीभगत से लाखों का घोटाला किया गया था।
कपड़ा मंत्री को भेजा गया है पत्र
मिल में नए खाते खोले ही नहीं जाते, किसी कर्मचारी के देहांत होने की स्थिति में उनके वारिस के खाते ही खुलते हैं। लाल इमली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि एक आरोपी अफसर ने जवाब दाखिल करके गलती होने की बात स्वीकारी है। मामले की अन्य एजेंसी से जांच कराई जाए ताकि पूरे घोटाले का राज खुल सके। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई को कपड़ा मंत्री को पत्र भेजा गया है।
धरना-प्रदर्शन करेंगे कर्मचारी
इसमें कर्मचारियों के 28 महीने का बकाया वेतन भुगतान कराने की मांग की गई है। भुगतान न होने से कर्मचारी भुखमरी की कगार पर हैं। 23 जुलाई को एक कर्मचारी ने भुगतान न होने पर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। भुगतान न होने की स्थिति में 15 अगस्त के झंडा रोहण कार्यक्रम में शामिल न होकर मिल गेट पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।