देखरेख व जरूरत पर सिंचाई के अभाव में मई तक 26.78 लाख पौधे ही सुरक्षित बचे। करीब 2.61 लाख पौधे सूख गए। अंतर विभागीय सत्यापन में सामने आया कि 91 फीसदी पौधे सुरक्षित बचा लिए गए। वन विभाग व 20 अन्य विभागों के लगाए पौधों में 69.67 फीसदी सुरक्षित बचाए गए।
मानसून आने पर हर वर्ष पौधे लगाए जाते हैं। पौधों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। वहीं मौसम के उतार चढ़ाव की वजह से भी पौधे सूख जाते हैं। कुछ स्थानों पर छुट्टा मवेशी पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं। बीते वर्ष लगाए गए पौधों में करीब 70 फीसदी पौधे सुरक्षित बचा लिए गए हैं। इस बार पौधरोपण में सुरक्षा की कार्ययोजना भी शामिल की गई है। शासन ने इसके निर्देश दिए हैं। तीन साल तक संबंधित विभाग पौधों की देखदेख की जिम्मेदारी निभाएंगे। - एके द्विवेदी, डीएफओ कानपुर देहात