बेरोजगार हुए श्रमिकों को थर्मल पॉवर प्लांट में मिलेगा काम
- जन शिक्षण संस्थान पनकी पॉवर हाउस को डिमांड के अनुसार उपलब्ध कराएगा कुशल, अकुशल कामगार
- संस्थान कामगार उपलब्ध कराने के लिए तैयार कर रहा श्रमिकों का डाटा
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कानपुर। कोरोना महामारी के दौर में बेरोजगार हुए कुशल कामगारों को पनकी स्थित थर्मल पॉवर प्लांट (परियोजना-2) में नौकरी पर रखे जाने के संबंध में मंगलवार को बैठक हुई। बैठक में भारत हैवी इलेक्ट्रिक लिमिटेड (भेल) के महाप्रबंधक, जन शिक्षण संस्थान के निदेशक और पॉवर प्लांट की सभी यूनिटों के अधिकारी शामिल हुए। तय हुआ कि पनकी पॉवर हाउस की ओर से जन शिक्षण संस्थान को जो मांग भेजी जाएगी, संस्थान स्किल मैपिंग कर उपयुक्त कामगार उपलब्ध कराएगा। अकुशल कामगार प्लांट में काम के दौरान ही प्रशिक्षण पाएंगे।
निर्माणाधीन पॉवर प्लांट में 363 कुशल कामगारों की आवश्यकता है। आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़ेगी। जन शिक्षण संस्थान के निदेशक राजेश कुमार बाजपेई ने बताया कि भेल के महाप्रबंधक नवीन सक्सेना को बताया गया है कि पॉवर प्लांट को कामगार उपलब्ध कराने के लिए डाटा जुटाया जा रहा है कि कौन, किस तरह का काम कर सकता है।
पॉवर प्लांट में चल रहा काम
थर्मल पॉवर प्लांट में लॉकडाउन से पहले 1600 श्रमिक काम करते थे। अब 70 फीसदी श्रमिक अपने घर चले गए हैं। उपलब्ध श्रमिकों के साथ काम तो शुरू करा दिया गया है, लेकिन रफ्तार बहुत धीमी है। काम में तेजी लाने के लिए कारपेंटर, हेल्पर, वेल्डर जैसी तमाम ट्रेड में कुशल कामगारों की आवश्यकता है। ऐसे में पनकी पॉवर प्लांट के अधिकारियों ने बाहरी राज्यों से लौटे कुशल कामगारों के अलावा जिले के कौशल विकास केंद्रों में ट्रेनिंग प्राप्त लोगों के सामने रोजगार उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा है।
श्रमिकों का संकट है तो बताएं
जिले की अन्य औद्योगिक इकाइयों के सामने यदि श्रमिकों का संकट है तो वे जन शिक्षण संस्थान काकादेव को अपनी मांग भेज सकते हैं। संस्थान के कौशल विकास केंद्रों में तमाम ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा प्रवासी श्रमिकों का डाटा भी तैयार कर रहा है। इस तरह से उद्योग और श्रमिक दोनों की जरूरतें पूरी हो सकेंगी।