बेबस मजदूरों को अब मिली बस
-औरैया में हुए हादसे के बाद प्रशासन सक्रिय, डीएम व डीआईजी ने किया निरीक्षण
-पैदल और ट्रकों से जाने वाले मजदूर बसों से भेजे जाएंगे घर
-स्कूली बसों के अधिग्रहण के आदेश, रोडवेज को भी किया अलर्ट
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर।
औरैया में लोडर और डीसीएम की भिड़ंत में 24 मजदूरों की मौत के बाद शासन और प्रशासन की नींद खुल गई। फैसला लिया गया कि देश के दूसरे हिस्सों से होकर कानपुर की सीमा से पैदल, ट्रक, लोडर, ट्रैक्टर से गुजरने वाले श्रमिकों को शहर की सीमा पर ही बसें उपलब्ध कराकर घर भेजा जाएगा। यह फैसला शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने लिया है।
इसी के मद्देनजर शनिवार को डीएम डॉ ब्रह्मदेव राम तिवारी और डीआईजी अनंत देव ने रामादेवी, देहात टोल प्लाजा, रायपुर बैरियर, फतेहपुर सीमा का निरीक्षण किया। इन स्थानों पर सरकारी बसें लगाकर ट्रकों से आने वाले लोगो को बसों में बैठाया गया। डीएम ने बताया कि शासन के निर्देश पर सभी सरकारी बसों के अलावा सभी स्कूलों की बसों को भी अधिग्रहित किया जा रहा है। ये बसें जनपद की सीमाओं पर अलग-अलग स्थानों पर रोज मिलेंगी और बाहर से आने वाले लोगों को जनपद की सीमाओं पर ही बैठाकर उनके गंतव्य तक छोड़ेंगी। सभी यात्रियों को बसों में बैठाने के साथ भोजन-पानी की व्यवस्था भी की गई है। डीएम ने आरएम रोडवेज को निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी बसें बाहर से आ रहे लोगों को ले जाने के लिए जनपद की सीमाओं के हाईवे पर लगा दी जाएं। चुनाव की तर्ज पर जनपद की सभी प्राइवेट बसों, स्कूली बसों का अधिग्रहण किया जाए। आरटीओ को निर्देश दिए गए हैं कि इस आपदा की घड़ी में सभी बसों का अधिग्रहण कर लें। जिलाधिकारी के अनुसार सभी बसों को पेट्रोल जिला प्रशासन देगा। उन्होंने सभी अधिग्रहित की जाने वाली बसों के ड्राइवरों को फोन पर अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उनकी कभी भी आवश्यकता पड़ सकती है।