डिजिटल सिग्नेचर के अनिवार्य कदम को ही स्किप कर दिया
इसमें जानकारी दी गई गई कि 25 जनवरी व 30 जनवरी को सहारनपुर में तैनात रोहित कुमार की आईडी पर 259 आवेदकों को कन्या विवाह योजना के तहत आवेदन करा दिया गया। 29 जनवरी को इनमें से 196 आवेदकों के खाते में 55-55 हजार व ज्यादातर आवेदकों के खाते में दो बार 55-55 हजार रुपए भेज दिए गए थे। घटना को अंजाम देने के लिए साइबर ठगों ने सबसे लेखाधिकारी द्वारा डिजिटल सिग्नेचर के अनिवार्य कदम को ही स्किप कर दिया था।
कंपनी को तीन लेयर सुरक्षा में सौंपा था पोर्टल
क्राइम ब्रांच अधिकारी ने बताया कि अब तक की जांच में पता चला है कि श्रम विभाग के भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक कर्मकार कल्याण बोर्ड के पोर्टल का मेंटिनेंस का पूरा कार्य एनसीआर की कंपनी श्री ट्रॉल्स इंडिया नाम की कंपनी के द्वारा किया जा रहा है। अधिकारी के मुताबिक जांच में पता चला है कि कंपनी को तीन लेयर की सुरक्षा देकर पोर्टल को तैयार कर सौंपना था।
ट्रांजेक्शन डीटेल भी मांगी गई है
ऐसे में फंड्स ट्रांसफर करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्टेप (लेखाधिकारी के डिजिटल सिग्नेचर) को कैसे स्किप किया जा सका। इसे लेकर कंपनी के कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी। क्राइम ब्रांच अधिकारी के मुताबिक बोर्ड का अपना एकाउंट है और इससे फंड ट्रांसफर करने के लिए ट्रेजरी की मदद नहीं ली जाती। ऐसे में उनसे ट्रांजेक्शन डीटेल भी मांगी गई है।
सहारनपुर में खाते खोल निकाले गए रुपये
क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में जालसाजों ने सहारनपुर स्थित जन सुविधा केंद्र में एक ही दिन में रजिस्टर करके रुपये निकल लिए गए हैं। एक लाभार्थी के नाम पर एक से ज्यादा बार पेंमेंट किया गया है। पुलिस की टीम जल्द ही सहारनपुर पहुंचकर जन सुविधा केंद्र के कर्मचारियों से पूछताछ करेगी।