कोर्ट में सजा सुनने पहुंचे परिजन
- फोटो : amar ujala
तीनों को अपहरण और हत्या का दोषी करार दिया
एडीजीसी भाष्कर मिश्रा ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर कुशाग्र का शव प्रभात शुक्ला के घर के बाहर बने कमरे से बरामद किया गया था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी थी। एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई और अभियोजन की ओर से 14 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने मंगलवार को तीनों को अपहरण और हत्या का दोषी करार दे दिया है।
आरोपियों को जेल ले जाती पुलिस
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फैसला सुनने सूरत से आए माता-पिता
घटना के बाद से कुशाग्र के माता-पिता सूरत चले गए थे और वहीं पर बस गए। मंगलवार को फैसला सुनने के लिए कोर्ट पहुंची कुशाग्र की मां सोनिया, पिता मनीष और चाचा सुमित कानोडिया का बुरा हाल था। दोषी करार दिए जाने के बाद मां-बाप ने कहा कि आरोपियों को फांसी होनी चाहिए।
छात्र करेंगे अध्ययन, नजीर बनेगा फैसला
डीजीसी दिलीप अवस्थी ने बताया कि कोर्ट ने तीनों को दोषी करार देते हुए कहा कि यह फैसला नजीर बनेगा। कानून के छात्र इसका अध्ययन करेंगे।