फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुशाग्र हत्याकांड: कटघरे में खड़े शिवा को गार्ड ने पहचाना, बोला- यही फिरौती का पत्र लेकर आया था अपार्टमेंट

Fri, 03 Jan 2025 02:30 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने बताया कि गुरुवार को दूसरे गवाह के रूप में अपार्टमेंट के गार्ड राजेंद्र कुमार को पेश किया गया। राजेंद्र ने फिरौती का पत्र लाने वाले शिवा गुप्ता की कोर्ट में शिनाख्त की।
विज्ञापन
kushagra murder case - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में कुशाग्र हत्याकांड में गवाही देने आए अपार्टमेंट के गार्ड राजेंद्र कुमार ने न्यायालय के कटघरे में खड़े शिवा गुप्ता को पहचान किया। उसने कहा कि कुशाग्र के अपहरण के बाद शिवा ही रचिता की स्कूटी से फिरौती का पत्र लेकर आया था। अपर जिला जज 11 सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी की अदालत में गार्ड के बयान दर्ज कर लिए गए। आरोपी शिवा और प्रभात के अधिवक्ता की ओर से जिरह भी की गई।

विज्ञापन

आगे की जिरह शुक्रवार को होगी। कपड़ा कारोबारी मनीष कनोडिया के बेटे कुशाग्र की 30 अक्तूबर 2023 को अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। कुशाग्र की ट्यूशन टीचर रचिता वत्स पर अपहरण और हत्या करने तथा रचिता के कथित प्रेमी प्रभात शुक्ला और उसके साथी शिवा गुप्ता पर अपहरण, हत्या और सबूत मिटाने का आरोप है। तीनों के खिलाफ कोर्ट में आरोप तय हो चुके हैं।

शिवा को अपनी आंखों से देखा था
वादी मुकदमा संजय कनोडिया की गवाही भी हो चुकी थी। एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने बताया कि गुरुवार को दूसरे गवाह के रूप में अपार्टमेंट के गार्ड राजेंद्र कुमार को पेश किया गया। राजेंद्र ने फिरौती का पत्र लाने वाले शिवा गुप्ता की कोर्ट में शिनाख्त की। उसने कहा कि उसने खुद शिवा को अपनी आंखों से देखा था। राजेंद्र ने यह भी बताया कि शिवा जो स्कूटी लाया था।
विज्ञापन

कोर्ट में राजेंद्र के बयान दर्ज
वह कुशाग्र की ट्यूशन टीचर रचिता वत्स की थी, जिसे वह अच्छी तरह पहचानता है। स्कूटी के नंबर के साथ छेड़छाड़ की गई थी। घटना के हफ्ते-दस दिन पहले उसने रचिता और प्रभात को अपार्टमेंट के आसपास रेकी करते भी देखा था। कोर्ट में राजेंद्र के बयान दर्ज कर लिए गए। इसके बाद प्रभात और शिवा के अधिवक्ता मनीष शर्मा ने राजेंद्र से जिरह शुरू की। बचाव पक्ष के उलझाऊ सवालों का भी राजेंद्र बेबाकी से जवाब देता रहा। समय कम होने के कारण कोर्ट ने शुक्रवार को जिरह जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें