दरअसल, सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे कुशाग्र की मां सोनिया ने जब घर का सामान मंगाने के लिए उसे कॉल किया तो मोबाइल बंद था। उन्होंने रिश्तेदारों को सूचना दी। इस बीच अपार्टमेंट के आचार्यनगर निवासी गार्ड राजन ने बताया कि मुंह ढंककर हेलमेट पहने एक स्कूटी सवार साढ़े आठ से नौ बजे के बीच आया था। उसे रोका तो कनौडिया के घर एक पत्र देने की बात कही तो अंदर जाने दिया।
युवक अंदर गया, तो राजन ने पिछली नंबर प्लेट से कपड़ा हटाकर नंबर नोट कर लिया। हालांकि उसमें एफ की जगह ई लिखा गया था। उधर, पुलिस ने आरोपी प्रभात से पूछताछ शुरू की, तो नंबर गलत होने और खुद के घर पर होने का हवाला देते हुए टालमटोल करने लगा। इस बीच परिवार ने अपार्टमेंट के नजदीक लगे एक सीसीटीवी की फुटेज हासिल कर जैसे ही पुलिस को मुहैया कराई, तो स्कूटी दिखने पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ शुरू की। इसके बाद पूरा मामले का पर्दाफाश हो गया।