वारदात के दिन का पूरा सीन रिक्रिएट करवाया जाएगा
कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड मंजूर की। पुलिस तीनों को जेल से अपनी कस्टडी में सुबह नौ बजे लेकर उनका मेडिकल कराएगी। बुधवार सुबह नौ बजे आरोपियों को जेल में फिर से दाखिल करना होगा। आरोपियों से जिन अफसरों के नेतृत्व में पूछताछ होगी उनकी एक टीम का गठन किया गया है। हत्यारोपियों से सवाल दागने के लिए सवालों की सूची तैयार कर ली गई है। तीनों को ले जाकर वारदात के दिन का पूरा सीन रिक्रिएट करवाया जाएगा।
तीन अफसरों की टीम करेगी पूछताछ
इससे पता चल सकेगा कि प्रभात कैसे कुशाग्र को बातों में फंसाकर अपने घर लेकर पहुंचा ? वहां कुशाग्र को कैसे मारा? इसके बाद पास के कमरे में मौजूद रचिता और शिवा से क्या बातें हुई? शव को कहां ठिकाने लगाना था ? और आगे का क्या प्लान था ? जैसे तमाम सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। पूछताछ जेसीपी आनंद प्रकाश तिवारी की निगरानी में तीन अफसरों की टीम करेगी। वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
कुशाग्र के घर फिर फिंकवाया जाएगा पत्र
वहीं, कुशाग्र के परिजनों ने सीपी से फोन पर आरोपियों से उनका सामना कराने की मांग की, जिससे वह जान सकें कि जिसे उन्होंने बेटी की तरह माना था, उसी ने उनके बेटे की हत्या क्यों कर दी। वहीं, पुलिस शिवा को फिर से स्कूटी से अपार्टमेंट में ठीक उसी तरह से पत्र भेजने के लिए भेजेगी और इसके बाद पहले और नए फुटेज को फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
पत्र उसी पेन से लिखा गया है, इसकी जांच भी होगी
वैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट में साफ हो सकेगा कि शिवा ही उस दिन पत्र फेंकने उनके घर गया था। अन्य आरोपियों के पूर्व के फुटेज के आधार पर नए फुटेज उसकी एंगल में तैयार कराए जाएंगे। फिरौती के पत्र की हैंडराइटिंग का मिलान भी होगा। प्रभात के घर से एक रजिस्टर व डॉट पेन मिला है। उसकी स्याही पत्र की लिखावट वाली स्याही से मिलती है। पत्र उसी पेन से लिखा गया है, इसकी जांच भी होगी। कुशाग्र को नशीला पदार्थ दिया था या नहीं ? यह भी पता किया जाएगा।
कुशाग्र की हत्या के बाद बनाया था वीडियो
कुशाग्र के अपहरण के बाद प्रभात के फोन की जांच की तो एक वीडियो मिला। वीडियो हत्या के बाद का है। इसमें कुशाग्र का रस्सी से गला कसा हुआ दिख रहा है। कुशाग्र का शव औंधे मुंह जमीन पर पड़ा है। हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए हैं। वीडियो परिवार को भेजकर उन्हें उसके अपहरण का भरोसा दिलाकर उनसे फिरौती की रकम वसूलने का प्लान था। हत्यारोपियाें की काॅल डिटेल से भी अहम सुराग मिले हैं।