कानपुर। आईआईटी कानपुर की मदद से आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का निर्वाचन क्षेत्र कुप्पम अब कार्बन मुक्त होगा। इसके लिए संस्थान और कुप्पम क्षेत्र विकास प्राधिकरण (काडा) के बीच समझौता हुआ है।
इसके तहत नेट जीरो उत्सर्जन, नेट जीरो जल और नेट जीरो अपशिष्ट वाला क्षेत्र बनाने पर काम होगा। इस एमओयू की मदद से सस्टेनेबिलिटी को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
समझौता ज्ञापन पर डीन ऑफ स्टूडेंट्स अफेयर्स आईआईटी कानपुर प्रो. प्रतीक सेन और कुप्पम क्षेत्र विकास प्राधिकरण के परियोजना निदेशक विकास मरमत ने हस्ताक्षर किए। इस पहल की अगुवाई आईआईटी कानपुर में कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी करेगा।
काडा के लिए आईआईटी कानपुर प्रौद्योगिकी और नॉलेज पार्टनर के रूप में काम करेगा। आईआईटी की टीम स्थानीय प्रशासन, स्कूलों और कॉलेजों के साथ मिलकर शिक्षा में सस्टेनेबिलिटी के सिद्धांतों को एकीकृत करेगी। यह जुड़ाव छात्रों और शिक्षकों को नेट जीरो लक्ष्यों को पाने में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए सशक्त करेगा।
यह पहल उन्नत तकनीकी हस्तक्षेपों जैसे कि नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने, टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन को स्थिरता देने वाले समुदायों के प्रयासों को एक साथ जोड़ेगी।
आईआईटी में कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी के डीन प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी ने कहा कि आईआईटी कानपुर और कुप्पम क्षेत्र विकास प्राधिकरण के बीच यह साझेदारी काफी महत्वपूर्ण साबित होगी।