बांग्लादेश के साथ अभ्यास मैच में तीन विकेट लेना कुलदीप यादव के लिए टर्निंग प्वाइंट रहा और उन्हें भारतीय टीम में शमिल किया गया। बुधवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए भारतीय टीम के वर्ल्डकप के पहले मैच में उन्होंने जेपी डुमिनी को पगबाधा आउट कर विश्वकप में अपनी पहली सफलता प्राप्त की। हालांकि अन्य गेंदबाजों की अपेक्षा वह थोड़े महंगे साबित हुए। उन्होंने 10 ओवरों में 46 रन देकर एक विकेट लिया। बावजूद इसके वह कानपुर के पहले खिलाड़ी हो गए है, जिन्होंने भारतीय वर्ल्डकप टीम में जगह बनाई और पहला विकेट भी झटक लिया।
चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव की सफलता पर पिता राम सिंह काफी खुश हैं। बोले कि मेरे बेटे का सपना सच हुआ। अपने कुलदीप को विश्वकप में मैच खेलते देख उन्हें जितनी खुशी हो रही है, वह बता नहीं पा रहे। कहा कि परमात्मा ने हम सबकी सुनी और मेरा लाल टीम इंडिया से खेला। उधर, लालबंगला स्थित रोवर्स मैदान में साथी खिलाड़ियों और कोच कपिल पांडे भी खुशी से फूले नहीं समा रहे।
कपिल ने कहा कि अब लगता है कि वास्तव में हमलोगों ने कुछ किया है तभी हमारा कुलदीप आज टीम इंडिया से वर्ल्डकप खेल रहा है। उधर, यूपीसीए के सचिव युद्धवीर सिंह भी काफी खुश हैं। बोले आज यूपी से कुलदीप और भुवनेश्वर कुमार ने खेलकर प्रदेश का नाम गौरवांवित किया है।