दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या में तिहाड़ जेल में बंद पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर के भाई को अंतरिम जमानत मिलने के बाद मामला एकबार फिर चर्चा में आ गया है। दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या में तीस हजारी कोर्ट ने 13 मार्च 2020 को पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर व उनके छोटे भाई जयदीप सिंह उर्फ अतुल सहित सात लोगों को हत्या का दोषी पाते हुए दस साल कारावास की सजा सुनाई थी।
दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अतुल सेंगर ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी बीमारी का हवाला देते हुए इलाज के लिए जमानत अर्जी दी थी। सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उन्हें आठ सप्ताह की सर्शत अंतरिम जमानत दी है।
न्यायाधीश की ओर से दिल्ली से बाहर न जाने, मुकदमे में वादी एवं साक्षी गणों से संपर्क न करने, अपना मोबाइल फोन हमेशा ऑन रखने, गूगल मैप पर अपना पिन नंबर डालकर लोकेशन सीबीआई को उपलब्ध कराने, अंतरिम जमानत की अवधि में कोई भी अपराध न करने का निर्देश दिया है वहीं सीबीआई को दिए निर्देश दिया है कि अभियुक्त जयवीर सिंह उर्फ अतुल के खिलाफ अंतरिम जमानत अवधि में अगर कोई एफआईआर दर्ज होती है तो तत्काल न्यायालय को सूचना दी जाए।