कानपुर देहात। जिले में कृषि सखियों के राह दिखाने से 2750 किसानों ने रासायनिक उर्वरक से मुंह मोड़ लिया है। करीब एक साल से ये किसान 1100 हेक्टेयर में जैविक खेती कर रहे हैं। हरी खाद, जीवामृत, बीजामृत आदि का प्रयोग फसलोत्पादन में किया जा रहा है।
किसानों को जैविक खेती की ओर मोड़ने के लिए नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना शुरू की गई। यह योजना दो साल के लिए लॉन्च की गई है। बीते साल जिले के दस ब्लॉकों में जैविक खेती के लिए कुल 22 क्लस्टर बनाए गए। प्रति प्रति क्लस्टर एक-एक हेक्टेयर जैविक खेती करने के इच्छुक 125 किसान जोड़े गए। एनआरएलएल में जरिये कृषि विभाग ने समूह की महिलाओं को कृषि सखी चुना।
प्रति क्लस्टर एक कृषि सखी को किसानों को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई और प्रशिक्षण दिया गया। कृषि सखियों को जैविक खेती के लिए जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत बनाना और प्राकृतिक कीट नियंत्रण आदि सिखाया गया। अब ये कृषि सखियां क्लस्टर में चुने गए किसानों को जैविक खेती के गुर सिखा रही हैं। इसके एवज में उन्हें प्रति माह पांच हजार रुपये मानदेय दिया रहा है। कुल 2750 किसान 1100 हेक्टेयर में जैविक खेती कर रहे हैं।