विशेषज्ञों के साथ जनप्रतिनिधियों का भी लिया जाएगा सुझाव
कानपुर रीजन इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट अथॉरिटी को बसाने के लिए कुल पांच टीमें बनाई जा रही हैं, जिसमें 25 सदस्यों को रखा जाएगा। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसकी एक कोर कमेटी भी होगी। इसके अलावा शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, खेल के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के साथ जनप्रतिनिधियों का भी सुझाव लिया जाएगा।
शासन की ओर से मांगा गया है प्रस्ताव
मंडलायुक्त ने कहा कि कानपुर के औद्योगिक प्रसार के लिए शामिल होने वाले जनपदों की ओर विकास के बारे में आकलन करना आवश्यक है। कानपुर के निकटवर्ती जनपदों को सम्मिलित करते हुए कानपुर क्षेत्र के बहुउद्देशीय प्रसार और आर्थिक ढांचे को अधिक मजबूत करने के लिए क्रीडा के गठन की प्रक्रिया के लिए शासन की ओर से प्रस्ताव मांगा गया है।
चार जिलों का सदर क्षेत्र ही रहेगा क्रीडा में
बांदा, फतेहपुर, जालौन और हमीरपुर जिले की सदर तहसील क्षेत्र को ही क्रीडा क्षेत्र में शामिल किया गया है। इसका कारण है कि इन जिलों के सदर तहसील के क्षेत्र में रहने वालों का आवागमन ज्यादातर कानपुर की ओर है, जबकि बाकी हिस्से का प्रभाव क्षेत्र आगरा, झांसी, प्रयागराज और मध्य प्रदेश के जनपदों की ओर रहता है।
बैठक में ये रहे मौजूद
वीसी केडीए मदन सिंह गर्ब्याल, समन्वयक नीरज श्रीवास्तव, सचिव केडीए अभय प्रसाद, नगर नियोजक मनोज कुमार, रिमोट सेंसिंग के डाटा बैंक डिवीजन हेड डाॅ. पुष्पेंद्र प्रकाश, डाॅ. राजेश, गरिमा उपस्थित रहे।
क्रीडा की सीमा निर्धारित करने में प्रस्तावित क्षेत्र की जनसंख्या, कृषि भूमि, ग्राम समाज क्षेत्र, उद्योग और व्यापार के साथ ही सामाजिक, आर्थिक गतिविधि को भी देखा जाएगा। इसी तरह यातायात के लिए रेल, सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग से कनेक्टिविटी के साथ ही इन जनपदों के लोग कानपुर पर कितना निर्भर है। इन सब बिंदुओं पर मंथन किया जा रहा है। -के विजयेंद्र पांडियन, मंडलायुक्त कानपुर मंडल