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Shani Jayanti 2019: इस दिन भूलकर भी न करें ये काम वरना झेलना पड़ेगा ग्रहों का प्रकोप

Sun, 02 Jun 2019 03:31 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : गूगल
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इस वर्ष शनि जयंती 3 जून को पड़ रही है। नवग्रहों में से एक शनिदेव का अत्यधिक महत्व है। ऐसे में शनि जयंती के दिन भगवान शनिदेव की पूजा, शनि का दान एवं विशेष अनुष्ठान का विशेष महत्व होता है। ज्योतिषाचार्य व पंडित नरेंद्र दीक्षित के अनुसार शनि जयंती के दिन विधिवत की गई पूजा साधक को तमाम मुसीबतों से छुटकारा दिलाती है।
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शनि न्याय के देवता हैं और यदि विधि-विधान से इनकी पूजा की जाए तो जीवन से जुड़े सभी प्रकार के दोष दूर हो जाते हैं। शनिदेव की कृपा एवं शुभता पाने के लिए शनि जयंती अवसर सबसे उत्तम माना जाता है। इस बार यह खास पर्व सोमवार को आ रहा है, जिससे सोमवती अमावस्या का योग भी बन रहा है।

शनि जयंती का महत्व
हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है। सूर्य और छाया के पुत्र शनि देव का इसी तिथि पर जन्म हुआ था। शनि देव के बारे में कहा जाता है कि यदि उन्हें खुश कर दिया जाए तो आपकी हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। शनि देव प्रसन्न होकर भक्तों को सुख समृद्धि से परिपूर्ण कर देते हैं। यदि पूजा अर्चना में जरा सी चूक हो जाए तो शनि देव नाराज भी हो सकते हैं।

ये है पूजा विधि 
कुंडली से शनि दोष को दूर करने के लिए लोग अक्सर शनि देव की पूजा करते हैं। शनि देव की पूजा-अर्चना में खास ध्यान रखना होता है। शनि जयंती के दिन शनि भगवान के दर्शन कर उनकी मूर्ति पर तेल चढ़ाएं और उसके बाद शनि मंत्र का जाप करें। मान्यताओं के मुताबिक शनि जयंती पर गंगा स्नान कर गरीबों को दान करने से भी पूण्य मिलता है।
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शनि देव पूजा का शुभ मुहूर्त
अमावस्या की तिथि रविवार 2 जून शाम 4:39 मिनट से शुरू हो जाएगी और सोमवार 3 जून दोपहर 3:31 मिनट तक रहेगी। वैसे तो शनि देव की आराधना के लिए किसी शुभ मुहूर्त की जरूरत नहीं है, लेकिन फिर भी सोमवार को सुबह 11:51 मिनट से लेकर दोपहर 12:47 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा।

शनि जयंती पट भूलकर भी न करें ये काम
- शनि जयंती पर बाल ना कटवाएं, नाखून ना काटें। मान्यता है कि ऐसा करने से आर्थिक तरक्की रुक जाती है।
- इस दिन पवित्र पौधों तुलसी, दुर्वा, बिल्व पत्र, पीपल के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए। 
- शनि अमावस्या के दिन शारीरिक संबंध ना बनाएं, संयम बरतें। 
- इस दिन बृह्मचर्य का पालन करना बेहद जरूरी है। 
- शनि जयंती के दिन कांच की वस्तुएं खरीदना वर्जित माना गया है। 
- इस दिन किसी गरीब को घर से खाली हाथ न लौटाएं।
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