जीएसटी का असर रेल यात्रियों की जेब पर भी महंगा पड़ने वाला है। रेल यात्रियों को स्टेशन पर डिब्बा बंद खाना पीने अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर मिलेगा। जबकि खुले पीने की चीज पर 14.5 प्रतिशत की जगह 18 प्रतिशत जीएसटी टैक्स लगेगा। रेल किराया भी एक प्रतिशत टैक्स की बढ़ोत्तरी होगी।
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अब कानपुर सेंट्रल स्टेशन के रेस्टोरेंट में 3.5 प्रतिशत टैक्स बढ़ने पर 160 रुपये वाली थाली 165 रुपये और 25 रुपये में दो पीस समोसे की कीमत 26 रुपये होगी। दूध, दही, पेटीज, चाऊमीन, बर्गर आदि महंगा हो जाएगा। रेलवे के बेस फेयर में आधा प्रतिशत ज्यादा सर्विस टैक्स देना होगा।
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रेलवे को भाड़ा टैक्स साढ़े चार प्रतिशत सरकार को देना होता है। अब उसे पांच प्रतिशत देना पड़ेगा लेकिन रेलवे इस आधे प्रतिशत कर को रेल यात्रियों से वसूलेगा। यात्रियों को 14.5 प्रतिशत सर्विस टैक्स के बजाय 15 प्रतिशत होगा। रेलवे संरक्षा के नाम पर प्रस्तावित सेफ्टी टैक्स भी आधा प्रतिशत है। उसे लागू करने यात्रियों को कुल 15.5 प्रतिशत टैक्स देना होगा। चार महीने पहले बुक कराए गए टिकटों पर भी जीएसटी लागू होगा।
कानपुर सेंट्रल कमसम रेस्टोरेंट के प्रबंधक गोपाल सेन ने बताया कि अभी तक स्टेशन पर बिकने वाले खाने पीने के सामान पर यात्रियों को 14.5 प्रतिशत सर्विस टैक्स देना होता है। सोमवार से यह टैक्स बढ़कर 18 प्रतिशत हो जाएगा। नया सॉफ्टवेयर तैयार होकर आ चुका है। रविवार देर रात 12 बजे से इसे इंस्टॉल कर दिया जाएगा। हालांकि डिब्बा बंद खाना और कोल्ड ड्रिंक्स, मिनरल वाटर आदि एमआरपी पर बिकेंगी।