गुलजार के शेर और जीएसटी के फेर किसी को तुरंत समझ नहीं आते। बाजार ने अपनी गढ़ी इस कहावत को अपने ऊपर ही आजमाया। जीएसटी के विरोध में 15 दिन से बाजार बंदी का हल्ला बोल कर रहे कारोबारी सेल लगाकर सस्ते में माल बेचते रहे। खासकर इलेक्ट्रानिक प्रोडक्ट, वाहन बाजार, ज्वैलरी मार्केट में बंदी के बीच खूब बिक्री हुई। जीएसटी लगने से पहले सस्ता माल निकालने की बात कहकर खूब चांदी काटी गई। हाल यह हो गया कि कई माल रात में भी खोल दिए गए और लोग सस्ता माल खरीदते रहे। बंदी के बीच बिक्री का खूब विरोधाभास रहा।
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बिल में जीएसटी लिख कर आने लगा
जीएसटी लागू होने के बाद बचे हुए स्टॉक पर अधिक टैक्स देने की आशंका में शुक्रवार को कानपुर के डीलरों और शॉपिंग मॉल संचालकों ने सेल लगाकर माल बेचा। इसके लिए पांच से 10 फीसदी तक छूट देने का दावा किया गया। 80 फीट रोड, गुमटी, गोविंद नगर, सीसामऊ आदि इलाकों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिग बाजार में दिन भर खरीदारों की भीड़ लगी रही। सबसे ज्यादा बिक्री इलेक्ट्रॉनिक आइटमों की हुई। 80 फीट रोड स्थित लोटस इलेक्ट्रॉनिक्स में सुबह से ही स्टॉक एक्सचेंज सेल के नाम से बैनर लगा दिया गया था। बाजार बंदी के दिन सेल देखकर लोगों की भीड़ टूट पड़ी।
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जीएसटी लागू होने के बाद मार्केट का हाल
दोपहर तक यहां से सैकड़ों आइटम बिक गए। शोरूम संचालक ने 10 फीसदी तक छूट देने का दावा किया। इसी रोड पर अन्य इलेक्ट्रॉनिक शोरूमों का भी यही हाल रहा। बिग बाजार में दिन भर अलग अलग आइटम पर छूट की घोषणा की गई। विजय नगर के एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम पर भी सस्ते में माल खरीदने वालों की भीड़ लगी रही।
सोना महंगा होने का पता चलते ही शादी-सहालगों की तैयारी में लगे लोगों ने ज्वैलरी शोरूमों में जेब खाली कर दी। कारों की कीमत भी खासी घटाने की बात कही गई। इससे दिन भर वाहनों के शोरूमों में भीड़ लगी रही। एक अनुमान के मुताबिक शहर में शुक्रवार को करीब 200 करोड़ रुपये का माल बिका।