निर्धारित कोटे से अधिक मांग पर लेनी होंगी विभाग की अनुमति
किसानों को अपनी खतौनी की फोटो काॅपी और आधार कार्ड लाना अनिवार्य
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। कृषि विभाग ने खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए खाद वितरण व्यवस्था में बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब एक हेक्टेयर तक जोत वाले किसानों को सात बोरी यूरिया ही मिलेगी। इस फैसले से किसानों में असंतोष है।
वहीं, छोटे एवं सीमांत किसानों को उनकी जोत के अनुपात में दो से पांच बोरी यूरिया दी जाएगी। एक हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले किसानों को अतिरिक्त खाद के लिए खतौनी प्रस्तुत कर सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। बिना सत्यापन उन्हें अतिरिक्त उर्वरक नहीं मिलेगा।
खाद लेने के लिए अब किसानों को खतौनी की फोटो काॅपी और आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य है। समिति केंद्रों पर अंगूठा लगाने के बाद ही खाद का वितरण होगा। यदि कोई किसान तय सीमा से अधिक यूरिया लेना चाहता है तो उसे कृषि पर्यवेक्षक या राजस्व विभाग से विशेष अनुमति लेनी होगी।
किसान बोले -
आधुनिक खेती में 150 से 180 किलो नाइट्रोजन की जरूरत होती है जबकि सात बोरी यूरिया से केवल करीब 127 किलो नाइट्रोजन ही मिल पाता है। इससे तो खेती पर काफी असर पड़ेगा। साैरभ कुशवाहा, मोहनपुर
एक हेक्टेयर खेत में सामान्य तौर पर 10 से 12 बोरी यूरिया की आवश्यकता होती है लेकिन नई व्यवस्था में केवल सात बोरी मिलने से उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। - श्याम, टिकरा
वर्जन -
अभी तक सरकार ने मानक तय नहीं किया था लेकिन अब जोतबही के अनुसार ही खाद मिलेगी। सात बोरी से ज्यादा खाद देने का नियम खत्म हो गया है। ज्यादा देने पर दुकानदार पर करवाई होंगी। - प्राची पांडेय, जिला कृषि अधिकारी