जाट आंदोलन से प्रदेश और शहर का कारोबार प्रभावित हुआ है। यहां से बड़े पैमाने पर किराने का सामान, मशीनरी, इंजीनियरिंग टूल्स, लेदर और प्लास्टिक के आइटम हरियाणा, जम्मू कश्मीर, हिमाचल तक जाते हंै।
करीब 500 ट्रक इन आइटमों के रास्ते में फंसे हैं। वहीं लकड़ी कारोबार प्रभावित है। इससे प्लाई की लकड़ी की कमी हो गई है। इसका लाभ उठाकर टिंबर कारोबारियों ने प्लाई के दाम पांच से 10 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं, जबकि यूकेलिप्टस और पापुलर लकड़ी के दाम कम हो गए हैं।
इसी तरह हिमाचल और जम्मू से हरियाणा के रास्ते रोजाना करीब 15 ट्रक चीड़, देवदार और कैल लकड़ी के आते हैं। इससे यहां शटरिंग, बिल्डिंग मैटीरियल, फर्नीचर और दरवाजे खिड़की तैयार होते हैं।
आवक कम होने से इनकी भी किल्लत बढ़ गई है। आने वाले दिनों में इनके रेट में भी इजाफा हो सकता है। टिंबर उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत शर्मा ने बताया कि लकड़ी की सप्लाई कम होने से 30 रुपये स्क्वायर फीट वाली प्लाई 35-38 रुपये रुपये में मिल रही है।