बेगमपुरवा में मंगलवार को रेलवे कर्मी की पत्नी की सौतेले बेटे ने गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने देर रात पूछताछ के बाद मामले का खुलासा कर दिया। शुरू से ही पुलिस को सौतेले बेटे शहंशाह पर शक था।
पुलिस ने देर रात शहंशाह के खून से सने कपड़े ईदगाह रेलबजार के पास एक कुएं से बरामद कर लिए हैं, इन कपड़ों को धुलने के बाद पॉलीथिन में भरकर कुएं में फेंका गया था। घर के पीछे झाड़ियों से चापड़ भी बरामद हो गया है। वारदात के पीछे जेवर और पैसों को लेकर परिवारिक विवाद बताया जा रहा है। इससे पहले महिला के पति ने अज्ञात के खिलाफ लूट के बाद हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
घटनाक्रम के मुताबिक कैथे वाली मस्जिद के पास रहने वाले रेलवे में इलेक्ट्रीशियन सलीम ने बताया कि वह रोज की तरह ड्यूटी पर और बेटे शाकिर और शमीम फर्नीचर की दुकान पर काम करने गए थे। बेटी शिफा (13) स्कूल में थी। पत्नी आमना (45) और बड़ा बेटा शहंशाह ही घर पर थे।
उधर, दोपहर करीब 12 बजे दूधिया उनके घर पहुंचा और आमना को आवाज दी तो कोई बाहर नहीं आया। काफी देर इंतजार के बाद दूधिये ने पड़ोस की बच्ची को घर के भीतर भेजा। बच्ची चीखते हुए बाहर आई और अंदर आमना का शव पड़ा होने की जानकारी दी।
लोगों ने देखा तो कमरे में आमना का खून से सना शव पड़ा था। टूटी चूड़ियां, अलमारी और बक्सों के सामान बिखरे थे। लोगों ने पुलिस और सलीम को सूचना दी। सलीम ने बताया था कि घर से 11 लाख रुपये नगद व चार लाख के जेवर गायब हैं।
बेटे शहंशाह ने बताया कि वह 11 बजे दोस्तों से मिलने गया था। एसएसपी शलभ माथुर कई थानों की फोर्स, फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सीढ़ियों पर खून और छत का रास्ता खुला देख हत्यारों के छत के रास्ते आने की आशंका जताई। उधर आमना के मायके वालों ने पति सलीम और सौतेले बेटे पर हत्या का शक जताया। इसके बाद पुलिस ने बाप और दो बेटों को हिरासत में लिया। पुलिस की पूछताछ में शहंशाह फंसता चला गया।