कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की ओर से किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर सारी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं। शासन की ओर से गठित कमेटी ने निरीक्षण के बाद अपनी स्वीकृति की रिपोर्ट भी शासन में सौंप दी है। डीजी ऑफिस से लाइसेंस मिलते ही यहां किडनी ट्रांसप्लांट शुरू हो जाएगा।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में नौ जनवरी को शासन की ओर से भेजी गई टीम में शामिल केजीएमयू के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अभिनव अरुण सोनकर, डॉ. आर एमएल आई एमएस के यूरोलॉजी विभाग से डॉ. ईश्वर राम धयाल और एसजीपीजीआई नेफ्रोलॉजी विभाग से डॉ. नारायण प्रसाद ने निरीक्षण किया था। टीम ने सकारात्मक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, अब सिर्फ लाइसेंस मिलना ही बाकी है। यहां हर सप्ताह ओपीडी में 50 रोगी ऐसे आ रहे हैं जिन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता है। इसके लिए बाकायदा ओपीडी में ऐसे रोगियों की अब काउंसलिंग भी होने लगी है।
ओटी, आईसीयू, डायलिसिस यूनिट और वार्ड भी अलग से तैयार हैं। सूत्रों ने बताया कि अप्रैल में लाइसेंस मिलने की उम्मीद है। विभागाध्यक्ष डॉ. युवराज गुलाटी ने बताया कि डीजी ऑफिस से अनुमति मिलते ही हम काम शुरू कर देंगे। ओपीडी में आने वाले हर दूसरे रोगी को डायलिसिस और चौथे रोगी को ट्रांसप्लांट की आवश्यकता है।