किडनी कांड की जांच कर रही एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) दोबारा सक्रिय हो गई है। विदेश में मानव अंगों की खरीद-फरोख्त का नेटवर्क फैलाने वाले केतन कौशिक समेत अन्य आरोपियों की धरपकड़ अब शुरू होगी। डीआईजी ने इस संबंध में मंगलवार को एसआईटी को निर्देश दे दिए हैं।
इसमें सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की टीम भी शामिल होकर आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद करेगी। पिछले साल 17 फरवरी को बर्रा पुलिस ने किडनी कांड का खुलासा किया था। मामले में पीएसआरआई अस्पताल दिल्ली के सीईओ, दीपक मिश्रा, फोर्टिस अस्पताल फरीदाबाद की कोऑर्डिनेटर सोनिका समेत कुल 17 आरोपी जेल गए थे।
डीआईजी अनंत देव ने बताया कि मामले की जांच में दिल्ली के केतन कौशिक, हरियाणा के करण समेत कई और नाम सामने आए थे। इनका अभी तक सुराग नहीं लग सका है। चूंकि पकड़े गए आरोपियों ने बताया था कि केतन ही विदेशों में किडनी व लिवर ट्रांसप्लांट का सौदा करता था।
इसलिए उस तक पहुंचना जरूरी है। इसलिए एसआईटी को सर्विलांस व क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर दोबारा नए सिरे इन आरोपियों की धरपकड़ शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। डीआईजी ने बताया कि इन सभी के पकड़े जाने के बाद आशंका है कि कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।