इटावा में बीएड की फर्जी डिग्री के जरिए परिषदीय विद्यालयों में नियुक्ति पाने वाले 23 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। इन शिक्षकों ने आगरा के भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से 2005 में बीएड करने की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी हासिल की थी।
इसी तरह अन्य 26 शिक्षकों की अभी जांच चल रही है। वर्ष 2006 से 2013 के बीच नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच कराई गई, इसमें 72 शिक्षकों के अभिलेख संदेहास्पद निकले। कुछ की टीईटी की मार्कशीट सही नहीं थी।
कुछ की बीएड की डिग्री पर संदेह हुआ। इस पर एडी बेसिक की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति से जांच कराई। समिति में एडीएम और एएसपी भी शामिल रहे। ऑनलाइन जांच में डिग्री फर्जी मिलने पर शिक्षकों ने ऑफलाइन जांच का अनुरोध समिति से किया था।
ऑफलाइन जांच में 23 शिक्षकों की डिग्री फर्जी निकली हैं। बीएसए अजय कुमार सिंह ने बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक विशेष अनुसंधान दल की विवेचना में बीएड की डिग्री फर्जी मिलने पर 23 की सेवा समाप्त की जा रही है।