कानपुर में किडनी कांड का खुलासा होने के बाद किडनी देने वाले, किडनी लेने वाले और डॉक्टरों समेत 200 से अधिक लोग एसआईटी के रडार पर हैं। ये लोग देश के अलग-अलग राज्यों यूपी, पंजाब, दिल्ली, बंगाल और आंध्रप्रदेश से हैं। रिसीवर (किडनी लेने वाले) में सफेदपोश से लेकर कई नामचीन लोगों के शामिल होने की आशंका है। इस पर एसआईटी ने जांच भी शुरू कर दी है।
किडनी कांड के अभी 13 आरोपी फरार हैं। इसलिए अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि गिरोह ने कितने डोनरों की किडनियां बेंची और किस-किसको ट्रांसप्लांट करवाईं। हालांकि एसआईटी ने पूछताछ के आधार पर 200 से अधिक लोगों के शामिल होने की बात कही है। एसएसपी अनंत देव ने बताया कि अभी तक पकड़े गए डोनर व रिसीवरों से जानकारी लेकर एसआईटी ने पड़ताल शुरू की है।
किडनी बेचना और खरीदकर ट्रांसप्लांट करवाना दोनों अपराध है। पुलिस डोनर व रिसीवर को भी आरोपी बनाएगी। सभी पर कानूनी कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा।