किडनी डोनर प्रोवाइडर शहर का खाड़ेपुर निवासी भूरा, संजय पाल, उसकी पत्नी दुर्गा और दिल्ली निवासी मेडिकल स्टोर संचालक केतन एसआईटी को चकमा देकर फरार हो गए थे। इसी बीच भूरा ने अपना मकान दामोदर नगर निवासी आढ़ती को बेच दिया। आढ़ती नेता भी है।
उसके शहर के कई इलाकों में मकान हैं। एसआईटी अब आढ़ती से पूछताछ कर भूरा व अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास करेगी। डोनरों के फर्जी कागजात बनाने वाले संजय पांडेय को भी 28 नवंबर को सशर्त जमानत मिल गई है। किडनी कांड में अब तक पांच डॉक्टरों समेत 20 लोग हाईकोर्ट से सशर्त जमानत पर बाहर हैं।
जांच के आधार पर कार्रवाई होगी। फिलहाल मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। - राजेश यादव, एसपी क्राइम