लखनऊ के रईस मोहम्मद ने लखनऊ के एक अधिकारी कमल सिंह चौहान को लिवर बेचा था। ट्रांसप्लांट लखनऊ के रायबरेली रोड स्थित एक अस्पताल में हुआ था। एसआईटी ने खुलासा किया है कि अस्पताल में सुविधाएं नहीं होने के बावजूद अवैध रूप से ट्रांसप्लांट किया गया है। हालांकि कि नाम का खुलासा नहीं किया। सूत्रों की अनुसार पुलिस अस्पताल की डॉक्टर नूतन को सफीना नोटिस देने की तैयारी में है।
किडनी या लिवर ट्रांसप्लांट के लिए रिसीवर और डोनर के डीएनए, ब्लड ग्रुप से लेकर एसएलए, टिश्यू मैचिंग तक कई टेस्ट कराए जाते हैं। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही ट्रांसप्लांट किया जाता है। अगर टेस्ट में डोनर और रिसीवर की कोई भी जांच रिपोर्ट मैच नहीं करती है और ट्रांसप्लांट कर दिया जाता है तो शरीर किडनी रिजेक्ट कर देता है। ऐसे में रिसीवर की मृत्यु की संभावना अधिक हो जाती है। -डॉ. निर्भय गुर्जर, नेफ्रोलॉजिस्ट रिजेंसी हॉस्पिटल