घंटों चले इस ड्रामे में एक मोड़ ऐसा भी आया जब अधिकारियों के होश उड़ गए। सुभाष ने घर के अंदर विस्फोट व आग लगाने के लिए तैयारी करनी शुरू कर दी थी। इस सनकी अपराधी के पास न सिर्फ अवैध असलहे थे बल्कि उसने विस्फोटक भी जमा कर रखा था। इतना ही नहीं धमाके को अंजाम देने की योजना के साथ उसने एलपीजी सिलेंडर भी इकट्ठा कर रखे थे।
पुलिस और पब्लिक ने मिलकर किया एनकाउंटर
सुभाष को पुलिस उलझाने के लिए समझाती रही कि थोड़ा समय दो। लेकिन सुभाष ने कहा कि उसे कोई बात नहीं करनी है। इस बीच कुछ ग्रामीणों ने देखा कि वह घर के अंदर विस्फोटक रख रहा है और उसने ज्वलनशील पदार्थ फैलाना शुरू कर दिए हैं। अंदर से एक धमाके की आवाज भी आई जिसके बाद लोगों के सब्र का बांध टूट गया। ग्रामीणों व पुलिस कर्मियों ने मकान के पिछले हिस्से का दरवाजा तोड़ा और घर के अंदर घुस गए। डरे सहमे बच्चे घर के अंदर घुप्प अंधेरे में तहखाने के एक कोने में कैद थे।