सौतेली मां से छुटकारा पाने के लिये घर से भागी एक किशोरी गलत लोगों के
चंगुल जाकर फंस गई। गुरुवार को अगवा कर ले जायी जा रही किशोरी ट्रेन से कूद
कर झींझक स्टेशन मास्टर के कार्यालय में जा पहुंची, और आपबीती सुनाई।
जीआरपी ने घर से भटकी किशोरी को कानपुर सेंट्रल भिजवा दिया है। कानपुर
सेंट्रल के प्रभारी निरीक्षक त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि किशोरी से
घटनाक्रम के बारे में पूछताछ जारी है।
गुरुवार की सुबह झींझक रेलवे स्टेशन पर
एक किशोरी स्टेशन मास्टर के कार्यालय में बदहवास हालत में पहुंची। बताया
कि सुबह आठ बजे थाना डेरापुर के दलेलपुर निवासी ओमप्रकाश अपने साथ जबरन
ट्रेन में बैठाकर ले जाना चाहते थे। उसे लेकर ओमप्रकाश झींझक स्टेशन
पहुंचा। सुबह नौ बजे जैसे ही कानपुर की ओर जाने वाली टूंडला पैसेंजर झींझक
स्टेशन पर पहुंची। ओमप्रकाश किशोरी के साथ ट्रेन में सवार हो गया।
दो मिनट
के बाद प्लेटफार्म पर ट्रेन के रेगते ही मौका पाकर कोच से कूद गई और सीधे
स्टेशन मास्टर पर कार्यालय जा पहुंची। स्टेशन मास्टर ने तुरंत जीआरपी को
बुलाया। जीआरपी चौकी प्रभारी ने बताया किशोरी से जानकारी ली। किशोरी ने
बताया कि फतेहपुर में अपनी सौतेली मां की अत्याचारों से त्रस्त होकर घर
छोड़कर कानपुर चली आई थी।
जहां उसकी मुलाकात ओमप्रकाश नामक व्यक्ति से हुई।
सहारा देने के नाम पर बहला फुसलाकर उसे दलेलपुर ले आया। उसने आबरू से
खिलवाड़ करने की कोशिश की। विरोध किया तो ओमप्रकाश दूसरी जगह ले जाने का
षड्यंत्र रचा। गुरुवार को ओमप्रकाश व एक महिला समेत तीन लोग उसे दिल्ली ले
जाने के लिये झींझक स्टेशन ले आये थे।
स्टेशन मास्टर अर्जुन सिंह ने
बताया कि किशोरी को जीआरपी के सुपुर्द कर दिया गया है। जीआरपी प्रभारी केके
त्रिपाठी ने बताया कि किशोरी को जीआरपी थाना कानपुर सेंट्रल भेज दिया गया
है।