Banda News: केन कैनाल के जेई सत्यदेव कुमार ने बताया कि नहर की टेस्टिंग के लिए यह पानी खोला गया था, जो नहर में नई मिट्टी पड़ी होने की वजह से बीच से टूट गई और नहर का पानी बस्ती के अंदर जा पहुंचा।
बांदा जिले की पैलानी तहसील में अलोना के खस्सी पुरवा में नहर कटान से पानी घुस गया। यहां गुरुवार को सुबह बाढ़ जैसा नजारा रहा। अलोना केन कैनाल लिफ्ट परियोजना के तहत 37 किलोमीटर की लंबी नहर ब्रिटिश गवर्नमेंट के जमाने से ध्वस्त पड़ी थी। जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद की पहल पर नए सिरे से इसका निर्माण किया जा रहा है।
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गुरुवार को सुबह चार बजे इस नहर में पानी छोड़कर टेस्टिंग की गई। अलोना पंप कैनाल से पानी छोड़ा गया, जो बहुत ही धीमी गति से चल रहा था। कुछ देर बाद दूसरा पंप भी चालू किया गया। पानी का दबाव बढ़ा, तो नई नहर कई जगह कट गई। नहर का पानी खस्सी पुरवा बस्ती में लोगों के घरों पर भर गया। सुबह लोग जगे, तो बाढ़ जैसा नजारा देखा। किसानों की गृहस्थी पानी-पानी हो गई और बस्ती में हाय तौबा मच गई।
किसानों को करना पड़ रहा है मुसीबत का सामना
केन कैनाल के जेई सत्यदेव कुमार ने बताया कि नहर की टेस्टिंग के लिए यह पानी खोला गया था, जो नहर में नई मिट्टी पड़ी होने की वजह से बीच से टूट गई और नहर का पानी बस्ती के अंदर जा पहुंचा। जिस बस्ती में नहर का पानी भरा है, वहीं से किसानों के खेतों के जाने का रास्ता भी है। पानी से लबालब हो जाने की वजह से किसानों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।