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खरमास खत्म, अब बजेगी शहनाई

Sat, 14 Jan 2017 08:19 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो
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मकर संक्रांति के साथ ही खरमास की समाप्ति हो गई है। इसी दिन से शुभ दिनों की शुरुआत हो जाती है। शनिवार से यज्ञोपवीत, विवाह व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के लिए शुभ मुहूर्त लगने के साथ ही लोगों के घरों में शहनाई बजनी शुरू हो जाएगी।
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पौष माह (खरमास) के रूप में माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में शुभ कार्यों की मनाही होती है। इसलिए लोग इस महीने में कोई भी मांगलिक कार्य करना उचित नहीं समझते हैं। इस पूरे एक महीने तक न तो लोग कोई शुभ कार्य करते हैं और ना ही किसी चीज की खरीदारी ही करते हैं। अब मकर संक्रांति से खरमास खत्म हो गया और शुभ दिन शुरू हो गए हैं। आचार्य पं. पुत्तन लाल शुक्ला ने बताया कि सूर्यदेव के उत्तरायण में आने के बाद से ही मांगलिक कार्यक्रमों की घड़ी आ गई है। इस बार हिंदू कैलेंडर के अनुसार सबसे अधिक विवाह मुहूर्त मकर संक्रांति के बाद से कुछ तिथियों को छोड़कर जून तक लगातार हैं। इसके बाद लगभग चार माह का सन्नाटा रहेगा और नवंबर माह से शुभ कार्यों की शुरुआत होगी।
सबसे शुभ होगा बसंत पंचमी का दिन
आचार्य के अनुसार इस बार बसंत पंचमी का दिन अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 1 फरवरी को पड़ रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग होता है। इससे इस दिन का महत्व कुछ अधिक ही माना जाता है। बताया कि पंचमी के दिन मांगलिक कार्यक्रमों को करवाने वालों की संख्या काफी ज्यादा होती है।
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बाजारों में बढ़ेगी रौनक
खरमास के दौरान बीते एक माह से वीरान पड़े बाजारों में भी रौनक लौटेगी। लोग सहालगों के मद्देनजर इसी दिन से खरीदारी भी करना शुरू कर देंगे। इससे बाजारों का सन्नाटा भी दूर होगा। शहर के कपड़ा, सोना-चांदी व अन्य वस्तुओं के व्यवसायियों के अनुसार पौष माह में प्रति वर्ष बाजार ठंडा पड़ जाता है लेकिन अब शादियों का मौसम शुरू होने से व्यापार बढ़ेगा और सन्नाटा दूर होगा।
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