मुनाफा घटने पर केस्को ने मैन पॉवर बढ़ा दिया है। 324 नए संविदा कर्मियों की नियुक्ति की गई है। ये बिजली के बकाया भुगतान के वसूली अभियान में लगाए जाएंगे। इससे अभियान में पहले से लगे लाइनमैनों का लोड कम होगा और फॉल्ट होने पर उसे जल्दी अटेंड कर सकेंगे। इससे उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। वहीं नए संविदा कर्मियों को वसूली अभियान से फ्री होने के बाद जरूरत पड़ने पर फॉल्ट ठीक करने में भी लगाया जाएगा। शहर के तीन डिवीजनों के 54 सबस्टेशनों में दो-दो गैंग नियुक्त कर दिए गए हैं।
केस्को बिजली बकाया वसूलने के लिए तारा-वन, टू और थ्री डिस्कनेक्शन अभियान चला रहा है। स्टाफ कम होने के कारण केस्को का अभियान धीमा पड़ गया। इससे लाइनलॉस 15 प्रतिशत लाने का उद्देश्य पूरा नहीं हुआ। साथ ही थ्रू रेट भी 4.5 रुपये से ऊपर नहीं बढ़ा। यह मुनाफा केस्को पांच से साढ़े पांच रुपये करना चाहता है। थ्रू रेट का मतलब अगर चार रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदी गई तो थ्रू रेट पांच से साढ़े पांच रुपये होना चाहिए। यह तभी संभव है जब लाइन लॉस और बिजली चोरी रुके। अभियान को गति देने के लिए ही संविदा कर्मी भर्ती किए गए हैं।