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Kanpur: केस्को का सिस्टम हाईटेक पर स्टाफ नहीं, काम फंसे... राजस्व भी गिरा, रोजाना पांच हजार शिकायतें

Wed, 20 Mar 2024 09:31 AM IST
हिमांशु अवस्थी शशांक शेखर भारद्वाज, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: केस्को ने सिस्टम को चालू करने से पहले टेस्टिंग की और स्टाफ को प्रशिक्षण दिया। फिर भी संचालन में समस्या आ रही है। केस्को के सभी खंड के एक्सईएन, जेईई और अन्य स्टाफ कर्मी फर्म और कंपनियों के बड़े बिल के भुगतान में सहयोग कर रहे हैं।
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कानपुर केस्को - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में केस्को का ऑनलाइन सिस्टम हाईटेक जरूर हो गया है, लेकिन स्टाफ अभी इससे पूरी तरह से वाकिफ नहीं हुआ है। लॉगइन करने से लेकर पासवर्ड डालने तक में समस्या आ रही है। इससे उपभोक्ताओं के काम नहीं हो पा रहे हैं और वे चक्कर लगाने को मजबूर हैं। केस्को के कंट्रोल रूम, एक्सईएन और अन्य अधिकारियों के पास रोजाना करीब पांच हजार शिकायती कॉल आ रही हैं।

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इतना ही नहीं सिस्टम न चल पाने की वजह से राजस्व में भी भारी गिरावट आई है। बिलों के भुगतान से एक दिन में डेढ़ करोड़ रुपये के आसपास राजस्व आ रहा है। आमदिनों में साढ़े चार से पांच करोड़ रुपये आते थे। केस्को ने ऑनलाइन बिलिंग प्रणाली को अपग्रेड किया है। इस वजह से 22 फरवरी से 14 मार्च तक बिलिंग, बिल संशोधन, नया कनेक्शन, मीटर बदलना, नाम परिवर्तन, भार वृद्धि आदि के कार्य प्रभावित रहे।

14 मार्च की शाम से सिस्टम चालू हो गया। पहले दिन तो उपभोक्ताओं को जानकारी नहीं थी। 15 मार्च से काम शुरू हुआ तो कुछ समस्याएं पेश आने लगीं। केस्को के अधिकारियों के मुताबिक बिलिंग सिस्टम की तकनीक का उच्चीकरण स्टैंडर्ड मानकों के आधार पर हुआ है। यह व्यवस्था न सिर्फ भारत बल्कि कई देश अपना रहे हैं। इसमें अमेरिका की नामी कंपनी का सॉफ्टवेयर का उपयोग हुआ है, जिसके चलाने पर कई तरह के सुरक्षा कारणों का पालन करना पड़ता है।

काउंटरों के ऑपरेटरों को दी जा रही है ऑनलाइन जानकारी
केस्को ने सिस्टम को चालू करने से पहले टेस्टिंग की और स्टाफ को प्रशिक्षण दिया। फिर भी संचालन में समस्या आ रही है। केस्को के सभी खंड के एक्सईएन, जेईई और अन्य स्टाफ कर्मी फर्म और कंपनियों के बड़े बिल के भुगतान में सहयोग कर रहे हैं। केस्को काउंटरों के ऑपरेटरों को ऑनलाइन जानकारी दी जा रही है। केस्को के अधिकारियों के मुताबिक सिस्टम में किसी तरह की कोई तकनीकी दिक्कत नहीं है। अभी इसको चलाने में स्टाफ को दिक्कतें आ रही हैं। होली बाद ठीक से काम करने लगेगा।

उपभोक्ताओं के अकाउंट नंबर बदले
सिस्टम के अपग्रेड होने से उपभोक्ताओं के अकाउंट नंबर भी बदल गए हैं। उनके बारे में मीटर रीडर घर-घर आकर बताएंगे। उपभोक्ता यूपीपीसीएल के पोर्टल के माध्यम से भी जानकारी कर सकते हैं। वेबसाइट में नो योर अकाउंट नंबर का ऑप्शन चुनना पड़ेगा। अभी सिस्टम के संबंध में मीटर रीडर भी प्रशिक्षण ले रहे हैं। उनका सिस्टम भी अपग्रेड हुआ है।

इन कामों में आ रही दिक्कत
बिलिंग, बिल संशोधन, नया कनेक्शन, मीटर बदलना, नाम परिवर्तन, भार वृद्धि समेत अन्य कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। बड़े बकायदारों और तीन माह से अधिक के बिल का भुगतान न करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे। केस्को उनके लिए व्यवस्था करने जा रहा है।

1.27 लाख उपभोक्ताओं के बन चुके बिल
शहर में केस्को के करीब सात लाख उपभोक्ता हैं, जिनमें से 1.5 लाख के यहां प्रीपेड मीटर लगे हैं। नई बिलिंग प्रणाली चालू होने के बाद मीटर रीडर घर-घर जाकर बिल बना रहे हैं। उन्हें उपभोक्ताओं के मीटर या फिर गेट के पास नया अकाउंट नंबर लिखने के लिए निर्देशित किया गया है। अब तक 1.27 लाख उपभोक्ताओं के बिल बन चुके हैं। बिल बनने के बाद उपभोक्ता कैश काउंटर पर जाकर जमा कर सकते हैं।
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ऑनलाइन बिलिंग प्रणाली पूरी तरह से बेहतर काम कर रही है। किसी तरह की कोई समस्या नहीं है। सिस्टम नया है, कुछ जगहों पर लॉगइन करने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। कैश काउंटरों पर बिल जमा हो रहे हैं। इनकी लगातार मॉनीटरिंग हो रही है।  -सैमुअल पॉल एन, केस्को एमडी
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