कानपुर में केस्को में केंद्र सरकार की आईपीडीएस (इंटीग्रेटेड पॉवर डेवलपमेंट स्कीम) के तहत 460 करोड़ रुपये में कराए गए कामों में अनियमितता की शिकायत पर गठित जांच दल सोमवार को केस्को मुख्यालय पहुंचा। यहां पर जांच दल के सदस्यों ने योजना से संबंधित दस्तावेज खंगाले और साकेतनगर में पराग डेयरी सबस्टेशन और डिवीजन का निरीक्षण भी किया।
एमएलसी दिलीप सिंह उर्फ कल्लू यादव ने इस मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन में की थी। वह विधानसभा में ऊर्जा समिति के सदस्य भी हैं। उन्होंने शिकायत की थी कि आईपीडीएस के तहत कराए गए कामों में अनियमितताएं हैं।
इसके अलावा केस्को में कराये गये काम के प्रस्ताव को पोर्टल वर्क मैनेजमेंट सिस्टम पर लटकाए रखने और संबंधित फर्म के भुगतान को रोकने आदि की शिकायतें थीं। इसके अलावा पराग डेयरी सबस्टेशन के लिए अलग फीडर बनाया जाना था, लेकिन उसे गोविंद नगर फीडर से जोड़ दिया गया।
पराग डेयरी सबस्टेशन की बिल्डिंग 2019 में बनी थी, लेकिन फिर भी इसका ऑफिस किराये के भवन में चल रहा है। शिकायत में केस्को के एक्सईएन और तत्कालीन प्रभारी चीफ इंजीनियर पर शासन की उम्मीदों के विपरीत काम करने का आरोप भी लगाया था।
उनकी शिकायत पर यूपी पॉवर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर कॉमर्शियल अश्वनी कुमार, वरिष्ठ लेखा अधिकारी अमित रंजन और एनर्जी ऑडिट इकाई के एक्सईएन बृजेश कुमार को टीम में शामिल किया गया था। जांच दल को दो मार्च को अपनी रिपोर्ट देनी थी, लेकिन जांच में देरी होने और फिर लॉकडाउन होने से मामला रुका हुआ था।