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Kesco PF Scam: संविदाकर्मियों का पैसा हड़पने का मामला, पुलिस रिमांड पर नहीं ले सकी, आरोपी को मिली जमानत

Tue, 22 Nov 2022 04:29 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

केस्को के संविदा कर्मियों के पीएफ घोटाले के मामले में आरोपी मुकुल चौबे को जमानत मिल गई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि काकादेव में दर्ज मुकदमे में मुकुल को अभी जमानत नहीं मिली है। 29 अगस्त 2021 को क्राइम ब्रांच ने गांधीनगर से मुकुल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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केस्को - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में केस्को कर्मचारियों के पीएफ घोटाले में कर्मचारी भविष्यनिधि संगठन के लखनऊ कार्यालय ने जांच शुरू की थी। घोटाले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार गया था। काकादेव पुलिस की लापरवाही के कारण संविदाकर्मियों का पैसा हड़पने के आरोपी मुकुल चौबे जमानत पर जेल से बाहर आ गया। पुलिस उसकी रिमांड तक नहीं ले सकी।

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मुकुल चौबे पर आरोप है कि उसने केस्को के कई संविदा कर्मचारियों के दस्तावेजों के जरिये पीएफ अकाउंट से जुड़े बैंक खाता नंबरों को बदलकर अपने परिचितों के बैंक खाते में लाखों रुपये ट्रांसफर कर निकाल लिए थे। संविदा कर्मचारी अजय सिंह ने मुकुल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
29 अगस्त 2021 को क्राइम ब्रांच ने गांधीनगर से मुकुल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। केस्को के संविदा संगठन के महामंत्री दिनेश सिंह भोले ने बताया कि मुकुल चौबे को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। हालांकि इस संबंध में काकादेव थाना प्रभारी का कहना है कि काकादेव में दर्ज मुकदमे में मुकुल को अभी जमानत नहीं मिली है।

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उसके खिलाफ काकादेव और फजलगंज थाने में एफआईआर दर्ज है। इसके साथ उसके खिलाफ दिल्ली निवासी एक युवती ने भी दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकुल चौबे सहित 26 कंपनी के नियोक्ता की संलिप्तता की जांच की जा रही है।
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बता दें कि ईपीएफओ के कर्मचारियों की नियोक्ताओं से मिलीभगत करके श्रमिकों व कर्मचारियों के पीएफ को हड़पने के प्रकरण लगातार सामने आ रहे हैं। रनियां स्थित जाहिद लेदर कंपनी के श्रमिकों के पीएफ हड़पने का मामला भी सामने आया था।
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