छावनी परिषद स्थित सभागार में बुधवार को हुई कैंट बोर्ड की बैठक में सभासदों ने हंगामा करते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने लोकल परचेजिंग कमेटी पर महंगे दामों पर सामान खरीदने और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
बैठक का बहिष्कार करने से अन्य प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो सकी। हंगामे से पहले दो प्रस्ताव ही पास हो सके थे। पहला 2015-16 और 2016-17 के लिए 75.60 करोड़ का बजट और दूसरा राकेट तिराहे पर स्थित एयरचीफ मार्शल मानेक शा की प्रतिमा रोड से हटाकर गेट के अंदर शिफ्ट करने का।
बैठक बुधवार दोपहर करीब 12 बजे ब्रिगेडियर पी सक्सेना की अध्यक्षता में शुरू हुई थी। सीईओ अमित कुमार ने दोनों प्रस्ताव रखे और इन्हें अनुमति मिल गई। अन्य प्रस्तावों पर चर्चा होने से पहले उपाध्यक्ष लखन लाल ओमर ने अध्यक्ष पी सक्सेना को पत्रक दे हंगामा शुरू कर दिया।
सीईओ ने बताया कि प्रधान सचिव रक्षा संपदा ने चार सितंबर तक बजट पास कराकर भेजने का निर्देश दिया था। इसी वजह से बोर्ड बैठक बुलाई गई थी। इसके चलते सभासदों की ओर से सात-आठ करोड़ के कामों को शामिल नहीं किया जा सका और सभासदों ने नाराज होकर बैठक का बहिष्कार कर दिया।
बहिष्कार करने वालों में प्रस्तावना तिवारी, चोखे लाल, मोहम्मद फरोग आलम, अनीता यादव, शिखा त्रिवेदी मौजूद रहे।