प्राधिकरण की जमीनों पर अवैध कब्जे हैं
केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल को पता चला कि पनकी, कल्याणपुर, सजारी, सनिगवां, बिनगवां, चकेरी, अहिरवां, रूमा, यशोदानगर, सिंहपुर कछार, गंगपुर चकबदा, हिंदूपुर, मिर्जापुर, गंगागंज, बारासिरोही, कपली, सचेंडी, बिधनू, टिकरा, उचटी आदि क्षेत्रों में भूमाफिया सहित तमाम काश्तकारों के प्राधिकरण की जमीनों पर अवैध कब्जे हैं। तहसील और संपत्ति विभाग की मिलीभगत से कई ने खतौनी में भी केडीए की जमीनों पर अपने नाम दर्ज करा लिए हैं।
आराजीवार दस्तावेजी जांच और स्थलीय परीक्षण कराने के निर्देश
उन्हें ग्राम बारासिरोही के अंतर्गत गंगागंज, शाहपुर मोहसिनपुर, मोहसिनपुर और सिंहपुर कछार में केडीए के स्वामित्व और कब्जा प्राप्त जमीन पर फर्जी तरीके से वर्तमान खतौनी वर्ष में निजी काश्तकारों के नाम दर्ज होने (इंद्राज होने) का भी पता चला। इस पर उन्होंने सचिव अभय कुमार पांडेय और भूमि बैंक (जोन-2) के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) डा. रवि प्रताप सिंह को जोन-2 की योजनाओं का आराजीवार दस्तावेजी जांच और स्थलीय परीक्षण कराने के निर्देश दिए।
सभी जमीनों का लैंड ऑडिट कराया जा रहा
इसमें मिर्जापुर में करीब 73 करोड़, गंगागंज में 57 करोड़, बारासिरोही में 50 करोड़ से ज्यादा की जमीनों की खतौनी में फर्जी तरीके से लोगों के नाम दर्ज मिले। ओएसडी को केडीए की पनकी गंगागंज, शाहपुर मोहसिनपुर, मोहसिनपुर और सिंहपुर कछार में 21.58 एकड़ जमीन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हाउसिंग सोसाइटियों समेत 40 काश्तकारों के नाम खतौनी में दर्ज होने का पता चला। इस जमीन की कीमत करीब 3.17 अरब रुपये है। उपाध्यक्ष ने बताया कि चारों जोनों के विशेष कार्याधिकारियों के माध्यम से विकास प्राधिकरण की सभी जमीनों का लैंड ऑडिट कराया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे छुड़ाई जमीन
ओएसडी ने बताया कि इन जमीनों से काश्तकारों, सोसाइटियों के नाम खारिज कर केडीए का नाम खतौनी में दर्ज कराने के लिए एक अधिवक्ता नामित किया गया। उन्हें तत्काल ऑनलाइन वाद दर्ज कर प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए गए। भूमि बैंक की विशेष टीम गठित कर अनुपालन आख्या तलब की गई। साथ ही भूमि बैंक के कर्मचारियों को लापरवाही करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इसके बाद केडीए ने फर्जीवाड़ा कर खतौनी में दर्ज नामों को कटवाकर अपना नाम दर्ज कराया।