कानपुर। शासन ने शुक्रवार को सिविल लाइंस के मकराबर्ट हॉस्पिटल की जमीन का स्वामित्व केडीए को देने का शासनादेश जारी कर दिया। विकास प्राधिकरण अंग्रेजों के जमाने के इस अस्पताल की 45,000 वर्गमीटर जमीन पर पीपीपी मॉडल पर मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनवाएगा। इस कार्य के लिए शासन ने तीन साल का समय दिया है वरना केडीए से यह जमीन वापस लेकर फिर से शासन के स्वामित्व में चली जाएगी।
शासनादेश जारी होते हुए प्राधिकरण उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल ने इस योजना को मूर्तरूप देने के लिए छह दिसंबर को प्राधिकरण सचिव, मुख्य नगर नियोजक सहित अन्य अधिकारियों की बैठक बुलाई है। केडीए ने पिछले साल 17 दिसंबर को सिविल लाइंस में ग्रीनपार्क चौराहे के पास वीआईपी रोड से सटे दि जार्जिना मकराबर्ट मेमोरियल हॉस्पिटल की 45,000 वर्ग मीटर नजूल की जमीन पर मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल स्थापित करने के लिए जमीन हस्तांतरित करने का प्रस्ताव शासन भेजा था। शुक्रवार को आवास विभाग के प्रमुख सचिव पी गुरुप्रसाद ने उक्त नजूल जमीन को पीपीपी मॉडल पर मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल स्थापित करने के लिए केडीए के पक्ष में सशर्त हस्तांतरित करने का आदेश जारी किया।
इसके लिए जारी शासनादेशशें डीएम सर्किल रेट पर छूट प्रदान देते हुए नि:शुल्क आवंटित, हस्तांतरित करने करने के लिए राज्यपाल से स्वीकृत मिलने का भी उल्लेख किया गया है। शासनादेश की कॉपी जिलाधिकारी को भी भेजी गई है। केडीए सचिव अभय कुमार पांडेय ने बताया कि इस अस्पताल की जमीन का स्वामित्व केडीए को मिलने की जानकारी मिली है। प्राधिकरण में छह दिसंबर को बैठक होगी। शासन की मंशा और शर्तों के अनुसार अतिशीघ्र कार्रवाई शुरू करा दी जाएगी।
इनसेट
ये हैं शर्तें
- इस नजूल भूमि पर कोई धार्मिक अथवा ऐतिहासिक महत्व की इमारत न हो।
- हस्तांतरित नजूल भूमि में यदि प्रस्तावित कार्य से भिन्न प्रयोजन के लिए उपयोग की जाए तो उसके लिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग से पुनः अनुमति प्राप्त करनी होगी।
- आवंटित नजूल भूमि का उपयोग केवल उसी कार्य के लिए किया जाएगा जिसके लिए भूमि आवंटित की जा रही है।
- प्रभावी नियम, विनियमन, महायोजना में निर्धारित भू-उपयोग के अनुसार आवश्यक कार्यवाही की जाए।
- जमीन 30 वर्ष की लीज पर दी जायेगी। लीज की शर्तों के अनुपालन के दृष्टिगत 30-30 वर्ष के दो नवीनीकरण (अर्थात कुल 90 वर्ष के लिए) किया जाएगा।