आजादी के 70 साल बाद ही हिंदू महिलाओं को उनके पूरे अधिकार हासिल नहीं हो पाए हैं। इसलिए जरूरत है कि हिंदू मैरिज एक्ट में संशोधन हो ताकि हिंदू महिलाओं को न्याय मिल सके। यह बातें शनिवार को न्यूयार्क और यूनाइटेड नेशंस में इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल व सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता करूणा नंदी ने कहीं। वह यहां आईआईटी कानपुर में 2017 राज्यश्री कुशु लाहिरी मेमोरियल लेक्चर में बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुईं। उन्होंने इस दौरान बड़ी संख्या में जुटे छात्र-छात्राओं को पोलराइजेशन एंड कंस्टीट्यूशनल वैल्यु विषय पर संबोधित किया।
ट्रिपल तलाक मुस्लिम महिलाओं पर बर्बरता
करूणा ने ट्रिपल तलाक पर बोलते हुए कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं के लिए बर्बरता है। इसे जल्द से जल्द समाप्प्त किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से जो बातें कहीं जा रही हैं वो अटपटा सा है।
गलत ट्रैक पर है एंटी रोमियो स्क्वायड
अधिवक्ता करूणा ने योगी सरकार द्वारा शुरू किए गए एंटी रोमियो स्क्वायड पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर यह सिर्फ महिलाओं की आज़ादी के लिए कार्य करता तो अच्छा था, लेकिन अब इसके आड़ में स्क्वायड लड़कियों-लड़कों को परेशान कर रहा है। इसे बंद किया जाना चाहिए।