गुलाब की पंखुड़ी और गेंदे की पत्तियां बनीं पहली पसंद
आयोजक सबसे ज्यादा गुलाब की पंखुड़ी और गेंदे की पत्तियों की मांग करते हैं। वहीं होली मिलन समारोह के कारण गुलाबी व सफेद रंग में आने वाला हालैंड का लिली और थाईलैंड के आर्किड की डिमांड बढ़ी है। समारोह में स्वागत के लिए इनका इस्तेमाल होता है। वहीं, भीनी भीनी महक के कारण खुशबू वाले फूल लोगों की विशेष पसंद बने हैं।
मंदिरों में होता है फूलों का शृंगार
त्योहारों पर मंदिरों में भगवानों का शृंगार फूलों से किया जाता है। इनमें भी देसी और विदेशी फूलों का खूब प्रयोग होता है। इस्कॉन मंदिर में हर बार आर्किड बैंगनी, नीले, सफेद और गुलाबी फूलों से शृंगार होता रहा है। फजलगंज स्थित कृपा धाम मंदिर में भी फूलों की होली खेली जाती है। इसके अलावा स्वामी पद्मनाभ मंदिर, राधामाधव मंदिर आदि मंदिरों में फूलों की होली खेली जाती है।
हमारे यहां 31 मार्च को विशेष तौर पर फूलों की होली खेली जाएगी। इस दिन भगवान के वस्त्र भी फूलों से तैयार किए जाते हैं। गुलाब, गेंदा, ऑर्किड, लिली, सूरजमुखी सहित तमाम फूलों से सभी भक्त होली खेलते हैं। - प्रशांत त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी इस्कॉन मंदिर