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UP: 50 लाख रुपये के देसी और विदेशी फूलों से होली खेलेंगे कनपुरिये, गुलाब और गेंदे के फूलों की बढ़ी मांग

Sun, 24 Mar 2024 11:20 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर से जालंधर, पंजाब, लुधियाना, मथुरा और नेपाल तक फूल भेजा गया है। नौबस्ता फूल मंडी के समरजीत यादव ने बताया कि गेंदा तो बहुत सस्ता है गुलाब भी 60 रुपये में बिक रहा है लेकिन इनकी पत्तियां 60 से 70 रुपये किलो बिक रही हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में अब गुलाल और रंग की होली खेलने के साथ ही फूलों की खुशबू भी शामिल हो गई है। होली मिलन समारोह के लिए गुलाब, गेंदा, गुलदाऊदी जैसे देसी और विदेशी फूलों की मांग है। होली और उसके बाद होने वाले मिलन समारोह में कनपुरिये करीब 50 लाख रुपये के फूलों से होली खेलेंगे। इस बार थाइलैंड और हॉलैंड के फूलों की भी मांग हो रही है।

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नौबस्ता फूल मंडी, शिवाला और श्यामनगर फूल मंडी में लोगों ने होली के लिए फूल और पत्तियों की मांग की है। होली के लिए गेंदा बीस टन और गुलाब की पांच टन की मांग रही। इसके अलावा विदेशी फूलों की भी 50-50 बंडल की मांग रही। एक बंडल में 10 पीस होते हैं। देसी-विदेशी फूलों के थोक विक्रेता रविशंकर ने बताया कि इस बार गेंदा काफी सस्ता है, ये पांच रुपये किलो बिक रहा है। वहीं गुलाब 60 रुपये किलो और ऑर्किड 200 रुपये में दस पीस बिक रहे हैं।

शहर से जालंधर, पंजाब, लुधियाना, मथुरा और नेपाल तक फूल भेजा गया है। नौबस्ता फूल मंडी के समरजीत यादव ने बताया कि गेंदा तो बहुत सस्ता है गुलाब भी 60 रुपये में बिक रहा है लेकिन इनकी पत्तियां 60 से 70 रुपये किलो बिक रही हैं। स्वरूपनगर में फूलों का कारोबार करने वाले रत्नेश कुमार ने बताया कि शहर के कई बड़े अपार्टमेंट और सोसाइटी में फूलों की होली खेली जाती है। फूलों से होली खेलने के बाद तन-मन महक उठता है। शहर में होली मिलन समारोह की संख्या पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है।

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गुलाब की पंखुड़ी और गेंदे की पत्तियां बनीं पहली पसंद
आयोजक सबसे ज्यादा गुलाब की पंखुड़ी और गेंदे की पत्तियों की मांग करते हैं। वहीं होली मिलन समारोह के कारण गुलाबी व सफेद रंग में आने वाला हालैंड का लिली और थाईलैंड के आर्किड की डिमांड बढ़ी है। समारोह में स्वागत के लिए इनका इस्तेमाल होता है। वहीं, भीनी भीनी महक के कारण खुशबू वाले फूल लोगों की विशेष पसंद बने हैं।

मंदिरों में होता है फूलों का शृंगार
त्योहारों पर मंदिरों में भगवानों का शृंगार फूलों से किया जाता है। इनमें भी देसी और विदेशी फूलों का खूब प्रयोग होता है। इस्कॉन मंदिर में हर बार आर्किड बैंगनी, नीले, सफेद और गुलाबी फूलों से शृंगार होता रहा है। फजलगंज स्थित कृपा धाम मंदिर में भी फूलों की होली खेली जाती है। इसके अलावा स्वामी पद्मनाभ मंदिर, राधामाधव मंदिर आदि मंदिरों में फूलों की होली खेली जाती है।

हमारे यहां 31 मार्च को विशेष तौर पर फूलों की होली खेली जाएगी। इस दिन भगवान के वस्त्र भी फूलों से तैयार किए जाते हैं। गुलाब, गेंदा, ऑर्किड, लिली, सूरजमुखी सहित तमाम फूलों से सभी भक्त होली खेलते हैं। - प्रशांत त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी इस्कॉन मंदिर

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