बच्चा हाे या बूढ़ा या फिर जवान अब ताे फैशन की इस दुनिया में बस भगवा ही भगवा छाया है। लड़कियां इस भगवा चोले को ओढ़कर सुरक्षा महसूस करने की बात कहती हैं तो लड़के इसे लेटेस्ट फैशन बताते हैं। यूपी के हर शहर में चाहे हाे वाे रिक्शे वाला हो या कोई नौकरी पेशा सब के सब एक ही रंग में दिख रहे हैं। या यूं कहीये कि भगवा ने सब काे एक रंग में रंग दिया है।
विज्ञापन
2 of 6
भगवा रंग के गमछे का ट्रेंड
अक्सर देखा जाता रहा है कि सरकार के बदलते ही गाड़ियों के झंडे बदल जाया करते हैं और सत्ताधारी दल का रंग चहुंओर दिखाई पड़ने लग जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत हासिल कर बनी भारतीय जनता पार्टी की सरकार के बाद एक अलग ही ट्रेंड नज़र आ रहा है। यह ट्रेंड है भगवा रंग के गमछे का। गर्मियों का मौसम आते ही सफेद और लाल छींटदार गमछे नज़र आते ही थे, लेकिन इस साल भगवा गमछों की बहार है। आजकल यूपी में हर किसी के गले में भगवा गमछा ही नज़र आ रहा है। इसकी बिक्री अचानक बढ़ गई है।
विज्ञापन
3 of 6
भगवा गमछे का फैशन ट्रेंड
कानपुर में चाय की एक दुकान पर पहुंचे युवकों में हर किसी के गले में भगवा रंग का गमछा दिखाई दिया। किसी ने गले में गमछा डाल रखा था तो किसी ने कंधे पर। कुछ लोग तो पगड़ी की तरह भगवा रंग के गमछे को सिर पर बांधे हुए नजर आते हैं। । गमछा पहनने का स्टाइल भले अलग है, लेकिन रंग सभी का एक ही है भगवा या केसरिया।
4 of 6
भगवा गमछे का फैशन ट्रेंड
पहली नज़र में भगवा गमछा ओढ़े लड़के यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के संगठन हिन्दू युवा वाहिनी के सदस्यों जैसे वेश में दिखते हैं, लेकिन ऐसा है नहीं। ये फैशन के तौर पर केसरिया गमछा ओढ़कर घर के बाहर निकलते हैं। केवल चाय की दुकानों पर ही नहीं, डिज़ाइनर कपड़ों की एक दुकान में भी भगवा गमछे का ट्रेंड साफ दिखाई दे रहा है
विज्ञापन
5 of 6
चारों ओर छाया भगवा गमछा
ये है भगवा कनपुरिया रंग जो सब जगह छाया हुआ
सड़कों पर भी भगवा गमछा ही छाया हुआ है। सड़कों पर चलने वाले कितने ही लोग इसे पहने दिख रहे हैं। हाल ऐसा है कि रिक्शावाला, ठेलेवाला, ऑटोवाला, टैम्पोवाला और यहां तक कि समाजवादी पार्टी के समर्थक माने जाने वाले यादव बिरादरी के कई लोग भी सिर पर भगवा गमछा बांधकर गाय-भैंस दुह रहे हैं।
इस जोरदार चलन की वजह से बाज़ारों में भगवा गमछे कम पड़ गए हैं और कुछ दिन पहले तक 50-60 रुपये में मिल जाने वाला गमछा अब 100-100 रुपये में भी मुश्किल से मिल पा रहा है। यूपी में गमछे का कारोबार कानपुर से ही हो रहा है। दरअसल, ये गमछे मऊ, खैराबाद, फ़ैज़ाबाद, जलालपुर, मालीपुर, इटावा, फ़ैज़ाबाद में बनते हैं और कानपुर के बाज़ार के जरिये राज्य के बड़े इलाके में सप्लाई होते हैं। लेकिन योगी सरकार के आने के बाद इनकी मांग इतनी बढ़ी कि राजस्थान के नागौर और चेन्नई के इरोड से भी भगवा गमछों को बड़े पैमाने पर मंगवाया जा रहा है।