दावा- मेरे पास घटना का वीडियो मौजूद है
श्याम सुंदर का आरोप है कि गांव के काली मां मंदिर का जीर्णोद्धार कराने और कुछ लोगों की बेगारी न करने के कारण उसका लगातार उत्पीड़न किया जा रहा था। उसने आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान और अन्य लोगों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसे धमकाया और कहा कि गांव में रहना है, तो उनकी बेगारी करनी पड़ेगी। युवक ने यह भी दावा किया था कि उसके पास घटना का वीडियो मौजूद है।
गांव से भगाने का किया जा रहा है प्रयास
पीड़ित के अनुसार, 22 नवंबर 2025 को उस पर जानलेवा हमला कराया गया था। स्थानीय थाने में शिकायत करने पर कार्रवाई के बजाय पुलिस ने उसे ही पकड़कर मारपीट की और चालान कर दिया। श्याम सुंदर ने अपनी शिकायत में कहा था कि जातीय और पुलिस उत्पीड़न से वह और उसका परिवार काफी परेशान है और गांव से भगाने का प्रयास किया जा रहा है।
कोई अप्रिय घटना होती है, तो आरोपी लोग जिम्मेदार होंगे
मंगलवार सुबह युवक के आत्महत्या के प्रयास के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया। युवक ने अपनी शिकायत में पहले ही आशंका जताई थी कि यदि उसके या उसके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए आरोपी लोग जिम्मेदार होंगे।