ग्वालटोली क्षेत्र में भाई दूज के दिन युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। नौकरी छूट जाने से वह अवसाद में था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एफएम काॅलोनी निवासी ललित झा ने बताया कि 23 वर्षीय बेटा कृष्णा एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में सुपरवाइजर था। उसकी करीब डेढ़ महीने पहले नौकरी छूट गई थी। दूसरी नाैकरी न मिलने से अवसाद में था। ललित झा की पत्नी नीतू बेटी पलक के साथ बुधवार को फजलगंज स्थित मायके गई थीं।
उन्हें दूसरे दिन दूज को घर लाैटना था। घर में केवल पिता और पुत्र ही थे। गुरुवार की सुबह ललित झा नीचे कमरे में सो रहे कृष्णा को जगाने पहुंचे तो दरवाजा बंद था। आवाज लगाने पर भी दरवाजा नहीं खोला तो जोर से धक्का दिया इस पर दरवाजा खुल गया। सामने बेटे का शव पंखे के कुंडे से लटकता देख चीख निकल पड़ी।
सूचना पर ग्वालटोली इंस्पेक्टर संजय गौड़ मौके पर पहुंचे और शव पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा। कृष्णा की मौत की खबर सुनकर नीतू और पलक बदहवास हालत में घर पहुंचे। पलक रो-रोकर कह रही थी कि भाईदूज पर टीका करने की बात कही थी लेकिन भाई हमेशा के लिए छोड़कर चला गया। इंस्पेक्टर के मुताबिक युवक ने नौकरी न मिलने के अवसाद में आत्महत्या की है।