सेनपश्चिम पारा गांव में मंगलवार दोपहर सौतेली मां के मायके आए युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। मूलरूप से दिल्ली के डबरी शीतलपुर दक्षिण निवासी आजाद पासवान (25) पांच दिन पहले सेनपश्चिम पारा गांव स्थित अपनी सौतेली मां कांती के घर आया था। मंगलवार की दोपहर कांती छोटी बेटी खुशी के साथ रिश्तेदार की तेरहवीं में शामिल होने मंझावन गई थीं। बड़ी बेटी खुशबू गांव में सिलाई सीखने गई थी। घर में अकेले आजाद ने पंखे के कुंडे में दुपट्टे के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी। पड़ोस में रहने वाली सौम्या खुशबू को बुलाने पहुंची तो शव फंदे से लटका देख शोर शुरू मचा दिया। शोर सुन पड़ोसियों ने कांती और पुलिस को जानकारी दी।
युवक के छोटे भाई दीपक ने बताया कि करीब 20 साल पहले मां शारदा की मौत के बाद पिता बांकेराम ने कांती से दूसरी शादी की थी। पिता कांती के साथ दिल्ली के डबरी शीतलपुरी दक्षिण में रहने लगे थे। तीन साल पहले पिता की बीमारी से मौत के बाद सौतेली मां दोनों बहनों को लेकर सेनपश्चिम पारा मायके आ गई थी। वहीं आजाद दिल्ली में एक फैक्टरी में नौकरी करने लगा था। थाना प्रभारी कुशलपाल सिंह ने बताया कि आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।