कॉक्लियर इम्प्लांट का ऑपरेशन किया
इस पर करीब छह से सात लाख रुपये का खर्च आना था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग, दिव्यांगजन अधिकारी और एक फाउंडेशन के सहयोग से इलाज की व्यवस्था कराई गई।26 जनवरी 2026 को कॉक्लियर इम्प्लांट का ऑपरेशन किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा।
एक साल के भीतर सामान्य बच्चों की तरह बातचीत कर सकेगी
अब खुशी न केवल आवाजें सुन पा रही है, बल्कि टूटे-फूटे शब्दों में बोलने की भी शुरुआत कर चुकी है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद खुशी के मुंह से निकले पहले शब्द थे- थैंक यू योगी जी डॉक्टरों के अनुसार नियमित स्पीच थैरेपी से तीन महीने में बोलने की क्षमता बेहतर होगी और एक साल के भीतर वह सामान्य बच्चों की तरह बातचीत कर सकेगी।