दोपहर करीब तीन बजे नजफगढ़ गंगा घाट पर यशी का अंतिम संस्कार किया गया। जिस बेटी की हंसी से घर रोशन रहता था, उसी की अर्थी उठती देख मां, भाई और परिजनों की आंखें छलक उठीं। गांव के लोग भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो गए। शनिवार को यशी के घर जनप्रतिनिधियों का भी पहुंचना जारी रहा। सपा के फतेह बहादुर गिल, मनोज कुमार शुक्ला और कांग्रेस के धर्मराज सिंह चौहान समेत कई नेताओं ने परिजनों से मिलकर उन्हें ढाढ़स बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया।
कानपुर में आंगन धंसने से यशी की मौत
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भाई के नए मोबाइल से फोटो खिंचाने की थी तैयारी
यशी की बहन अनूपा ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले तक यशी भाई भास्कर की ही बातें कर रही थी। वह उत्साह से कह रही थी कि भैया ने नया महंगा मोबाइल लिया है। इस बार आएंगे तो खूब सारी फोटो खिंचाएंगे, बहुत अच्छी फोटो आएंगी। परिवार को जरा भी अंदाजा नहीं था कि यही बातें आने वाले दिनों में उनके लिए जिंदगी की सबसे कड़वी याद बन जाएंगी।
पड़ोसी के बरामदे में कट रही रात
रेस्क्यू के दौरान हुई खुदाई से विनोद का पूरा मकान क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि पड़ोसी कल्लू सविता का घर भी दरक गया। सुरक्षा के चलते दोनों परिवार मोहल्ले के अजय पांडेय के बरामदे में शरण लिए हुए हैं। रुक-रुककर हो रही बारिश ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। खुले बरामदे में रात गुजारते परिवार के लिए बेटी को खोने का दर्द और सिर से छत छिनने की पीड़ा एक साथ सामने है।
मां के खाते में पहुंची चार लाख की मदद
दैवीय आपदा प्रबंधन की ओर से शनिवार शाम करीब तीन बजे मृतका यशी की मां राधा देवी के खाते में ऑनलाइन चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता भेजी गई। परिवार को आवास का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दो-तीन दिन में आवास संबंधी कार्रवाई पूरी हो सकती है।